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Uphaar fire tragedy: SC ने क्यूरेटिव पिटीशन की खारिज, अंसल बंधुओं को मिली बड़ी राहत, नहीं जाना होगा जेल

सुप्रीम कोर्ट ने पीडितों द्वारा दायर की गई क्यूरेटिव पिटिशन खारिज कर दी है।
अपडेटेड Feb 20, 2020 पर 15:59  |  स्रोत : Moneycontrol.com

उपहार सिनेमा अग्निकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ितों की तरफ से दायर की गई क्यूरेटिव पिटिशन को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अब इनकी सजा आगे नहीं बढ़ाई जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पीड़ितों ने क्यूरेटिव पिटिशन फाइल की थी। जिसमें उनकी मांग थी कि अंसल बंधुओं की सजा और बढ़ाई जाए।


टॉप कोर्ट (शीर्ष अदालत) ने 2015 के फैसले में अंसल बंधुओं पर 30 करोड़ रुपये का जुमार्ना लगाकर छोड़ दिया था। 


साल 2017 में फैसले की समीक्षा के दौरान तीन न्याधाशों वाली पीठ ने गोपाल अंसल को एक साल के लिए जेल भेज दिया था, लेकिन उनके बड़े भाई सुशील अंसल को उनकी उम्र को देखते हुए जेल से बाहर रहने की अनुमति दी थी। सुशील अंसल पहले ही 5 महीने की सजा काट चुके थे।


बता दें कि साल 1997 में दिल्ली में उपहार सिनेमा बर्डर चल रही थी। इस दौरान शॉर्ट सर्किट के चलते सिनेमा में आग लग गई। जिसकी वजह से 59 लोगों की मौत हो गई थी। जिससे पीडित पक्ष ने एक एसोसिएशन बनाया। इस एसोसिएशन का नाम Association of Victims of the Uphaar Tragedy (AVUT) रखा गया। जिसकी स्थापना नीलम कृष्णमूर्ति ने की। कृष्णमूर्ति ने न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। उन्होंने ही क्यूरेटिव पिटिशन फाइल की थी। नीलम ने अपनी एक बेटी और एक बेटा को इस अग्निकांड में खो दिया था। 


AVUT ने अपनी क्यूरेटिव पिटिशन में कहा है कि कई अपराधों में बुजुर्गों को जेल की सजा होती है। ऐसे में अंसल बंधुओं को उम्र का हवाला देकर राहत देना कोई आचित्य नहीं है।


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