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ऑयल, शैंपू के छोटे पाउच पर लग सकती है रोक, सरकार कर रही है तैयारी

मिनिस्ट्री ऑफ फूड ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स के मुताबिक छोटे पाउच मिट्टी को जहरीला बना रहे हैं।
अपडेटेड Oct 03, 2019 पर 13:21  |  स्रोत : Moneycontrol.com

पीएम मोदी ने स्वच्छता अभियान के बाद सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने का अभियान शुरु कर दिया है। इसके लिए कल पीएम मोदी ने देश से प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प से FMCG सेक्टर पर तगड़ी मार पड़ने वाली है। शैंपू, ऑयल, आदि के छोटे पाउच तमाम प्लास्टिक में ही आते हैं। इनकी रिसाइकलिंग भी बहुत कम होती है। ऐसे में मोदी सरकार इस पर रोक लगाने की तैयारी कर सकती है।
दरअसल इस मामले में पिछले महीने NGT की एक रिपोर्ट भी आई थी जिसमें कहा गया था कि एक बार इस्तेमाल होने वाले शैंपू, ऑयल आदि वस्तुओं के प्लास्टिक पाउच पर्यावरण के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक हैं।


इधर मिनिस्ट्री ऑफ फूड ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स ने एक सर्वे रिपोर्ट में बताया कि खाली पाउच की रिसाइकलिंग बहुत कम होती है। जिससे ये अन्य प्लास्टिक के मुकाबले मिट्टी को ज्यादा जहरीला बना रहे हैं। मंत्रालय का कहना है कि 1 फीसदी छोटे पाउच ही रिसाइकिल होते हैं। बाकी के छोटे पाउच जमीन में पड़े रहते हैं। उन्हें कोई नहीं उठाता है। ये पाउच जमीन को जहरीला बना रहे हैं। इससे मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी खत्म हो रही है।


शैंपू या ऑयल के छोटे पाउच भले ही एक रुपये लेकर 10 रुपये तक में मिलते हों, लेकिन FMCG सेक्टर की कमाई सबसे ज्यादा इसी से होती है। शैंपू और ऑयल की बिक्री का 70 फीसदी हिस्सा छोटे पाउच से आता है। ऐसे ही बिस्कुट में 70 फीसदी हिस्सा छोटे पाउच से ही होती है। इसके साथ आलू के चिप्स में 78 फीसदी, साबुन में 25 फीसदी, टूथपेस्ट में 25 फीसदी और चॉकलेट में 50 फीसदी बिक्री छोटे पाउच से होती है। लिहाजा कहा जा सकता है कि यह FMCG सेक्टर की रीढ़ है।


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, FMCG सेक्टर से जुड़े एक शख्स का कहना है कि छोटे पाउच की बिक्री अधिक होती है। भले ही इसकी कीमत 1-2 रुपये हो। इसमें बिजनेस करने वाले को अधिक पूंजी नहीं फंसानी पड़ती और ग्राहकों को भी 1-2 रुपये में मिल जाती है।


हालांकि इस मामले में इंडस्ट्री का मानना है कि जब तक इसका विकल्प तैयार नहीं हो जाता, तब तक इस पर रोक नहीं लगनी चाहिए। अगर इस पर जल्द ही रोक लग जाएगी तो इंडस्ट्री को तगड़ा हुकसान होगा। साथ ही कई लोगों की जॉब भी जा सकती है।


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