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सिगरेट पीते हैं तो कोरोना से बच जाएंगे, ऐसा नहीं है.. जानिए क्या है सच्चाई

Covid-19 से प्रभावित जो लोग अस्पताल में भर्ती हुए उनमें से 8 फीसदी लोग स्मोकर थे जबकि 26 फीसदी ऐसे लोग थे जो सिगरेट नहीं पीते थे। तो फिर इसका क्या मतलब हुआ
अपडेटेड May 20, 2020 पर 14:18  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोनावायरस संक्रमण शुरू होने के बाद से तमाम तरह की स्टडी और रिपोर्ट आए। ऐसी ही एक रिपोर्ट आई थी कि सिगरेट पीने वालों को संक्रमण का खतरा कम है। लेकिन असल में ऐसा नहीं है। newscientist.com की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा नहीं है।


सिगरेट किसी भी तरीके से कोरोनावायरस के खिलाफ कोई सपोर्ट नहीं कर रहा है। उलटे इससे खतरा और बढ़ने का डर है। तंबाकू के धुएं से फेफड़ों में हवा का प्रेशर कम हो जाता है। फेफड़ों से ही ऑक्सीजन का प्रवाह खून में जाता है। स्मोकिंग करने वालों में जुकाम और फ्लू की समस्या ज्यादा होती है। लंबे समय से स्मोकिंग करने वालों में एक तरीके का लंग फेलियर देखा जाता है जिसे एम्फीसिमा (Emphysema) कहते हैं।


हालांकि जब कोरोनावायरस संक्रमण की वजह से लोग अस्पतालों में भर्ती होने लगे तो उसके आंकड़ें एकदम हैरान करने वाले थे। Covid-19 से प्रभावित जो लोग अस्पताल में भर्ती हुए उनमें से 8 फीसदी लोग स्मोकर थे जबकि 26 फीसदी ऐसे लोग थे जो सिगरेट नहीं पीते थे। तो फिर इसका क्या मतलब हुआ।


हालांकि इस मामले में डॉक्टरों की राय अलग है। स्पेन में niversity of Castilla-La Mancha के डॉक्टर अल्बर्टो नाजेरा की टीम ने ऐसे 18 आंकड़ों को खंगाला और एक दिलचस्प निष्कर्ष पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि निकोटिन की वजह से इम्युनिटी सिस्टम की वायरस पर ओवर रिएक्ट करने की क्षमता खत्म हो जाती है। यह  Cytokine Storm की वजह है जो कहीं ज्यादा खतरनाक है। यानी कोरोनावायरस का असर उन लोगों पर भी होगा जो स्मोक करते हैं लेकिन उनकी इम्युनिटी इस बात को जाहिर नहीं होने देगी। इससे संक्रमण के खतरे का शुरुआत में पता नहीं चला पाता है और यह ज्यादा खतरनाक साबित होता है।


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