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Tax Professionals का देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन 29 जनवरी को, GST पर पेनाल्टी के खिलाफ कोर्ट की शरण में कंपनियां

अनस्टेबल टैक्स रेजीम और मल्टीपल टैक्स के कमप्लायंस कई गुना वृद्धि के विरोध में देशभर के टैक्स प्रोफेशनल्स 29 जनवरी को नेशनवाइड प्रोटेस्ट करेंगे
अपडेटेड Jan 24, 2021 पर 14:19  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अस्थिर कर व्यवस्था यानी अनस्टेबल टैक्स रेजीम (unstable tax regime) और मल्टीपल टैक्स के कमप्लायंस (compliance of multiple taxes) में कई गुना वृद्धि के विरोध में देशभर के टैक्स प्रोफेशनल्स 29 जनवरी को देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन करेंगे। यह प्रोटेस्ट वेस्टर्न महाराष्ट्र टैक्स प्रैक्टिसनर्स एसोसिएशन (WMTPA) बुलाया है, जिसे देशभर के 75 टैक्स एसोसिएशंस ने अपना समर्थन दिया है। टैक्स प्रोफेशनल्स का कहना है कि सरकार कहता है कि हम टैक्स व्यवस्था को करल बनाएंगे, लेकिन करती उसके उल्टा है।

इन संगठनों का कहना है कि हर साल सरकार टैक्स रिटर्न में मांगी गई जानकारियों का संख्या बढ़ा देती है और कानून में बदलाव कर देती है। जिससे बिजनेस, टैक्सपेयर्स के साथ टैक्स प्रोफेशनल्स को काफी समस्याएं आती हैं। एसोसिएशंस का कहना है कि GST 2017 में जब से लॉन्च हुई है तब से अब तक सरकार ने इसमें 900 से अधिक संशोधन किए हैं। साथ ही सरकार ने टैक्स अधिकारियों की शक्तियां भी बढ़ा दी हैं और टैक्स रिटर्न फाइल करने में देरी होने पर फाइन और पेनाल्टी को भी बढ़ा दिया है। हम इसके खिलाफ 29 जनवरी को देशव्यापी प्रदर्शन करेंगे, ताकि सरकार हमारी आवाज सुने।

राजधानी दिल्ली स्थित टैक्स एक्सपर्ट और CA अभिषेक अनेजा ने कहा कि मोदी सरकार को 2014 में किया गया उसका वादा याद दिलाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि हम टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए टैक्स रिफॉर्म (Tax Reform) करेंगे, लेकिन जो हो रहा है वह टैक्स रिफॉर्म नहीं है। नए तरह के टैक्स क्रिएट करना और नए फॉर्म जारी करना ही टैक्स रिफॉर्म नहीं होता है, यह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of doing business) को प्रमोट नहीं कर रहा है। अभिषेक अनेजा ने कहा कि कानून, सिस्टम और प्रक्रिया में लगातार हो रहे बदलाव से पीएम मोदी द्वारा सिंपल टैक्स रेजीम का वादा अपना रास्ता भटक गया है। 

गुजरात हाईकोर्ट की शरण में पहुंचीं कई कंपनियां

देश की कई नामी कंपनियों ने इनडायरेक्ट टैक्स डिपैर्टमेंट (indirect tax department) को GST और इनपुट टैक्स क्रेडिट के अनपेड अमाउंट पर भारी पेनाल्टी लगाने और उस पर इंटरेस्ट वसूलने के खिलाफ कोर्ट मे घसीटा है। इन कंपनियों ने गुजरात हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की है। कंपनियों की मांग है कि इंटरेस्ट केवल GST के एक्चुअल अमाउंट पर लगाया जाए। कंपनियों का आरोप है कि इनडायरेक्ट टैक्स डिपैर्टमेंट GST भुगतान करने में हुई देरी पर भारी पेनाल्टी लगाती है और इंटरेस्ट GST के एक्चुअल अमाउंट के साथ उस पर लगाई गई पेनाल्टी पर भी चार्ज करती है। कंपनियों की मांग है कि इंटरेस्ट केवल एक्चुअल अमाउंट पर जोड़ा जाए।

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