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सीट कन्फर्म नहीं होने पर हर महीने 8 लाख टिकट हो रहे हैं कैंसिल

सीट कन्फर्म नहीं होने के चलते मौजूदा फिस्कल ईयर में तकरीबन 65.69 लाख ऑनलाइन टिकट अपने आप कैंसिल हो गए हैं।
अपडेटेड Jan 20, 2020 पर 09:51  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इन दिनों भारतीय रेल व्यवस्थाओं के परिवतर्न के लिए जाना जा रहा है। यात्रियों की बेहतर सुविधा के लिए रेलवे हमेशा नए कदम उठा रहा है। लेकिन एक व्यवस्था ऐसी है, जिसे रेल मंत्री कबूल कर चुके हैं। और वो मान चुके हैं यात्री गाड़ियों पर भारी बोझ है। अब इस पर Right to Information (RTI) एक्ट के तहत जो जानकारी सामने आई है, वो काफी चौंकाने वाली है।


दरअस इंदौर के नीमच के रहने वाले RTI कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने सवाल पूछा था। जिसमें इंडियन रेलवे की सहायक कंपनी Indian Railway Catering and Tourism Corporation (IRCTC) ने RTI एक्ट के तहत जानकारी मुहैया कराई है। इस RTI में मिली जानकारी के मुताबिक, मौजूदा फिस्कल ईयर में अप्रैल से नवंबर 2019 तक ऑनलाइन बुक कराई गई 65,68,852 टिकट चार्ट बनते समय कन्फर्म न हो पाने के चलते IRCTC की वेबसाइट पर अपने आप कैंसिल हो गईं। मतलब ये हुआ कि औसतन हर महीने 8 लाख से अधिक ऑनलाइन टिकट कन्फर्म न होने के चलते अपने आप कैंसिल हो जाती हैं। इसकी वजह से रेल यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जब टिकट अपने आप कैंसिल हो जाता है तो इंडियन रेलवे उसमें कैंसिलेशन चार्ज वसूलकर बाकी रकम IRCTC को लौटा देता है। जिसे IRCTC संबंधित ग्राहक के अकाउंट में पैसे आ जाते हैं।


दरअसल रेल टिकट हासिल करने के लिए मची ये होड़ कोई आज की नहीं हैं। छुट्टियों के समय बड़े शहरों से छोटे शहरों की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना कोई आसान काम नहीं है। इंडियन रेलवे भी इस समस्या को भली भांति समझ रहा है। लेकिन अभी तक इस व्यवस्था का बेहतर इलाज नहीं किया जा सका है।


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