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US के साथ 10 बिलियन डॉलर की ट्रेड डील करेगा भारत, ट्रंप के फरवरी विजिट से पहले तय होगा सौदा

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप 24-25 फरवरी को भारत आ सकते हैं, यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी
अपडेटेड Jan 29, 2020 पर 15:44  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) फरवरी में भारत आने वाले हैं, इसके पहले ही भारत और अमेरिका 10 बिलियन डॉलर (लगभग 71,000 करोड़) की ट्रेड डील (mega trade deal) कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच फरवरी के दूसरे हफ्ते में यह डील फाइनल होगी और अपनी यात्रा के दौरान ट्रंप इस डील पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। इस डील के लिए अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि (United States Trade Representative-USTR) रॉबर्ट लाइटहाइज़र भारत आ रहे हैं।


फ्री ट्रेड अग्रीमेंट के पहले हो रही है मेगा ट्रेड डील


Economic Times की खबर के मुताबिक, इस डील की अभी कानूनी समीक्षा हो रही है, इसके पूरी तरह से तैयार होने के बाद ट्रंप अपनी यात्रा के दौरान इस पर साइन करेंगे। यह डील काफी अहम है क्योंकि यह आने वाले वक्त में दोनों देशों के बीच में होने वाले एक फ्री ट्रेड अग्रीमेंट के पहले होनी वाली मेगा ट्रेड डील है।


Times of India की खबर के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप 24-25 फरवरी को भारत आ सकते हैं। यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी।


रिपोर्ट के मुताबिक, रॉबर्ट लाइटहाइज़र फरवरी के दूसरे हफ्ते में भारत आ सकते हैं, जहां उनकी मुलाकात कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष गोयल से होनी है। लाइटहाइज़र और गोयल यहां डील के टर्म्स फाइनलाइज़ करेंगे। गोयल ने इसके पहले लाइटहाइज़र से पिछले साल अमेरिका में मुलाकात की थी।


दावोस में हुए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान दोनों देशों के बीच इस डील को लेकर कुछ मीटिंग्स हुई थीं, वहीं अमेरिकी प्रशासन के छह अधिकारियों की टीम इस डील पर डिस्कशन के लिए पिछले हफ्ते भारत में थी।


दोनों देशों के बीच आई है व्यापार अस्थिरता


इस डील के तहत दोनों देश अपना-अपना हित साधने की कोशिश करेंगे क्योंकि पिछले एक साल से ज्यादा के वक्त में दोनों देशों के बीच ट्रेड फ्रंट पर कई असहमतियां पैदा हुई हैं। अमेरिका ने 5 जून, 2019 से भारत को व्यापार के लिए वरीयता देने वाली स्कीम Generalized System of Preferences (GSP) से बाहर कर दिया था। इसके अलावा 2018 में उसने स्टील और एल्यूमिनियम प्रॉडक्ट्स के इंपोर्ट पर क्रमश: 25 और 10 फीसदी का ग्लोबल टैरिफ लगा दिया था।


भारत ने इसके जवाब में 16 जून, 2019 से अमेरिका में पैदा होने या बनने वाले और बस एक्सपोर्ट होने वाले 28 उत्पादों पर टैरिफ लगा दिया था, इसके खिलाफ अमेरिका World Trade Organization भी पहुंचा था। ऐसे में देखना होगा कि दोनों देश इस ट्रेड डील में कितने समझौते कर पाते हैं।


एक दूसरे से क्या चाहते हैं दोनों देश?


रिपोर्ट है कि डील के तहत अमेरिका चाहता है कि भारत उसके इन्फॉर्मेशन और टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रॉडक्ट्स पर ड्यूटी हटा ले और इसके हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिल पर ड्यूटी घटा ले। वहीं उसे भारत में अपने डेयरी प्रॉडक्ट्स के लिए मार्केट एक्सेस भी चाहिए और वो भारत से अपना बादाम का व्यापार भी बढ़ाना चाहता है।


वहीं, भारत चाहता है कि अमेरिका उसे Generalized System of Preferences (GSP) की लिस्ट में फिर से शामिल करे ताकि उसे इसके फायदे मिल सकें। भारत को अमेरिका के फल बाजार में पहुंच भी चाहिए। इसके अलावा भी दोनों देशों के बीच कई व्यापार पक्षों को लेकर समझौते हो सकते हैं।


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