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AGR बकाए के कारण ह्यूज भारत में बंद करेगी कारोबार

अमेरिकी कंपनी ह्यूज पर 600 करोड़ रुपए का बकाया है. कंपनी ने कहा यह रकम चुकाकर वह दिवालिया हो जाएगी
अपडेटेड Feb 25, 2020 पर 08:42  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अमेरिकी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड प्रोवाइडर ह्यूज नेटवर्क सिस्टम्स (Hughes Network System) भारत सरकार का बकाया चुकाने में नाकाम है। लिहाजा कंपनी भारत में अपना कारोबार बंद कर रही है। इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, रॉयटर्स ने कंपनी का एक लेटर देखा है जिसमें इस बात का जिक्र है। कंपनी अगर भारत में अपना कामकाज बंद करती है तो हजारों बैंकिंग सर्विस रिस्क में आ जाएंगे।


सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में टेलीकॉम कंपनियों को AGR का बकाया चुकाने को कहा था। ह्यूज, वोडाफोन, एयरटेल जैसी कंपनियों को लाखों करोड़ सरकार को देना पड़ा।


ह्यूज की भारतीय ईकाई डिफेंस, एजुकेशन और बैंकिंग सेक्टर के लिए सर्विस मुहैया कराते हैं। कंपनी ने 20 फरवरी को टेलीकॉम मिनिस्ट्री को लिखे लेटर में कहा है कि वह 600 करोड़ रुपए का बकाया नहीं चुका पाएगी।


कंपनी के इस डिस्क्लोजर से 70,000 बैंकिंग लोकेशन पर कनेक्टिविटी डिसरप्ट होगी। इतना ही नहीं, इंडियन नेवी, आर्मी और रेलवे के लिए भी यह कंपनी सैटेलाइट नेटवर्क मुहैया कराती थी। अगर इसकी सर्विस बंद होती है तो इनका कामकाज भी ठप पड़ सकता है।


ह्यूज इंडिया के प्रेसिडेंट पार्थो बनर्जी ने इस लेटर में लिखा है, "हमारे लिए यह रकम बहुत बड़ी है। 600 करोड़ रुपए चुकाकर यहां कारोबार करने के कोई मायने नहीं हैं। अगर हम यह रकम चुकाएंगे तो हमारी कंपनी दिवालिया हो जाएगी।"
करीब 14 साल तक चले मुकदमे के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया था। वोडाफोन आइडिया पर 50,000 करोड़ रुपए का बकाया है। वहीं एयरटेल पर कुल 30,000 करोड़ रुपए का कर्ज है। 


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