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विरल आचार्या के इस्तीफे के बाद नए डिप्टी गवर्नर की रेस में हैं ये नाम

प्रकाशित Tue, 25, 2019 पर 14:15  |  स्रोत : Moneycontrol.com

RBI के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्या के इस्तीफा देने के बाद उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो गई है। विरल का कार्यकाल छह महीने बाद खत्म हो रहा था। लेकिन उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया।


आचार्या के जाने के बाद नए डिप्टी गवर्नर की तलाश शुरू हो गई है। नए डिप्टी गवर्नर अगले छह महीने तक की RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) में शामिल रहेंगे। आचार्या का उत्तराधिकारी RBI की मॉनेटरी पॉलिसी और रिसर्च डिपार्टमेंट का हेड होगा।


सामान्य तौर पर RBI के डिप्टी गवर्नर पद के लिए किसी इकोनॉमिस्ट को चुना जाता है। आचार्या से पहले इस पद पर उर्जित पटेल थे। रघुराम राजन का कार्यकाल खत्म होने के बाद पटेल को RBI का गवर्नर बनाया गया था।


तब के इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के मुताबिक पटेल के गवर्नर बनने के बाद डिप्टी गवर्नर पद के लिए सरकार ने विज्ञापन दिया था। इस पद के लिए करीब 91 आवेदन आए थे। इनमें सोशल वर्कर्स, पूर्व ब्यूरोक्रैट्स और मार्केट इकोनॉमिस्ट्स शामिल थे। RBI के एक सेलेक्शन पैनल ने आचार्या को डिप्टी गवर्नर पद के लिए चुना था।


नए डिप्टी गवर्नर के तौर पर सरकार इन नामों पर विचार कर सकती है।


संजीव सान्याल ये फाइनेंस मिनिस्ट्री के प्रिंसिपल इकोनॉमिक एडवाइजर हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, आचार्या के इस्तीफे के बाद सान्याल डिप्टी गवर्नर पद की दौड़ में हैं। सान्याल 2015 तक सिंगापुर में डोएचे बैंक के ग्लोबल स्ट्रैटेजिस्ट थे। पिछले कुछ महीनों में इन्होंने इकोनॉमी के सपोर्ट के लिए रेट कट का समर्थन किया है।  


माइकल पात्रा RBI के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर और मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी के सदस्य हैं। ये भी डिप्टी गवर्नर पद की रेस में हैं। सेंट्रल बैंकर रहे पात्रा ने 2017 में भी इस पद के लिए आवेदन दिया था। लेकिन तब इनकी बात नहीं बनी थी। अभी तक यह विरल आचार्या को रिपोर्ट करते थे। मुमकिन है कि इन्हें इस बार डिप्टी गवर्नर का पद मिल जाए। ये रेट कट के पक्ष में नहीं रहते हैं। इनका फोकस महंगाई को काबू में रखने पर होता है। लेकिन शक्तिकांत के गवर्नर बनने के बाद पिछली तीन बैठकों में इन्होंने रेट कट के पक्ष में वोट किया था। 


अन्य विकल्प


2017 में भी डिप्टी गवर्नर पद के लिए अप्लाई करने वाले जेपी मॉर्गन के चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट साजीद चिनॉय और आदित्य बिड़ला ग्रुप के चीफ इकोनॉमिस्ट अजित राणाडे भी इस रेस में हैं। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, चिनॉय और राणाडे ऑफशोर रूपी मार्केट के असर और घरेलू बाजार की करेंसी लिक्विडिटी पर इसके प्रभाव पर स्टडी के लिए बनाए गए पैनल का हिस्सा हैं।