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आर्थिक सुस्ती से निपटना है तो इन 5 शेयरों में करें निवेश

अर्थव्यवस्था के इस दौर में अगर आप शेयरों से आर्थिक सुस्ती को खत्म करना चाहते हैं तो इन 5 शेयरों से मिलेगी मदद
अपडेटेड Oct 23, 2019 पर 09:38  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Adani Green Energy के शेयरों में पिछले 11 दिनों से चली आ रही तेजी थम गई है। मंगलवार को कंपनी के शेयर 5.1 फीसदी गिरकर 85 रुपए पर आ गए। कंपनी गुजरात में 50MW पावर जेनरेशन कर रही है। यह अगले 25 साल तक के लिए है। 


पिछले एक महीने में कई ग्लोबल रेटिंग एजेंसियों और इनवेस्टमेंट बैंकों ने भारत के ग्रोथ अनुमान को घटा दिया है। इससे साफ है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की सुस्ती बढ़ती जा रही है।


इंटरनेशनल मॉनेट्री फंड (IMF) भारत के ग्रोथ अनुमान को 0.9 फीसदी और वर्ल्ड बैंक (World Bank) ने 1.5 फीसदी घटा दिया है।


वर्ल्ड बैंक ने 13 अक्टूबर को कहा था कि भारत की GDP ग्रोथ गिरकर 6 फीसदी पर आ सकती है। बैंक ने अपने लेटेस्ट साउथ एशिया इकोनॉमिक फोकस के लेटेस्ट एडिशन में कहा है कि 2021 में इंडिया की GDP ग्रोथ 6.9 फीसदी और 2022 में 7.2 फीसदी हो सकती है। 


IMF ने अपने जुलाई अनुमान को घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया। इससे पहले यह 7 फीसदी था। कमजोर डिमांड की वजह से IMF को अनुमान घटाने पर मजबूर होना पड़ा। जानकारों का कहना है कि डोमेस्टिक इकोनॉमी के बारे में जब IMF और वर्ल्ड बैंक जैसी संस्थाएं बात करने लगें तो समझ जाइए कि बुरा दौर खत्म हो चुका है। 


SAMCO Securities & StockNote के फाउंडर और CEO जिमीत मोदी ने मनीकंट्रोल को बताया, "जब IMF और वर्ल्ड बैंक किसी इकोनॉमी के बारे ढोल पीटकर बताने लगते हैं तो इसका मतलब है कि बुरा दौर बी चुका है और अच्छा समय आने वाला है। हाल ही में IMF और वर्ल्ड बैंक ने भारत के GDP का अनुमान 0.9 फीसदी और 1.5 फीसदी घटा दिया था। अगर आप पहले के आंकड़ों को देखें तो यह बुरा वक्त बीतने का संकेत जैसा है।"


अर्थव्यवस्था के इस दौर में अगर आप शेयरों से आर्थिक सुस्ती को खत्म करना चाहते हैं तो इन 5 शेयरों से मिलेगी मदद। 


एनालिस्ट: रश्मिक ओझा-हेड ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, कोटक सिक्योरिटीज


ITC


कॉरपोरेट टैक्स घटने के कारण फिस्कल ईयर 2020 में ITC की अर्निंग ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रह सकती है। कंपनी के शेयर 17 P/E पर ट्रेड कर रहे हैं जो 10 साल के औसत वैल्यूएशन बैंड से कम है। पिछली कुछ GST काउंसिल की बैठक में सिगरेट पर टैक्स लगाने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुआ है। इसके साथ ही कंपनी के कुछ दूसरे कारोबार भी बेहतर है। इसका टारगेट प्राइस 320 रुपए तय किया है।


L&T


फिस्कल ईयर 2020 में कंपनी को वॉटर और हाइड्रोकार्बन्स के अलावा भी काफी ऑर्डर मिले हैं। कमोडिटी प्राइस में नरमी से कंपनी का मार्जिन बढ़ेगा। खासतौर पर स्टील को लेकर क्योंकि पिछले साल स्टील की कीमते अपने हाइएस्ट लेवल पर थी। अगले एक साल के लिए इसका प्राइस टारगेट 1650 रुपए तय किया है।


एनालिस्ट: मुस्तफा नदीम, CEO-Epic Research


Hindustan Unilever


पिछली तिमाहियों के मुकाबले वॉल्यूम ग्रोथ घटने के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 21 फीसदी बढ़कर 9708 करोड़ रुपए हो गया है। हमारा मानना है कि ग्रामीण बाजार में ग्रोथ को लेकर चिंताएं हैं। लेकिन कॉरपोरेट टैक्स में कटौती से Hindustan Unilever (HUL) के शेयरों में तेजी आएगी।


Tata Global Beverage


Tata Global को मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ की वजह से काफी फायदा हुआ है। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 10.6 फीसदी बढ़ गया है। Tata Global का टोटल इनकम 5 फीसदी बढ़कर 1927.66 करोड़ रुपए हो गए हैं। आगे इसके शेयरों में और तेजी आने की उम्मीद है।


UPL


कंपनी केमिकल मार्केट्स की सबसे बड़ी कंपनी है। हमारा मानना है कि अपने अलग कारोबार की वजह से लॉन्ग टर्म के लिए यह अच्छा शेयर है। UPL ने हाल ही में Arysta Lifescience का टेकओवर किया है ताकि ग्लोबल एग्रीकेमिकल मार्केट में सिनर्जी बना सके।


निवेश के विचार एनालिस्ट्स के निजी हैं। 


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