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जल्दी ही आपकी टेक होम सैलरी बढ़ सकती है, जानिए कैसे?

टेकहोम सैलरी बढ़ने से आपका रिटायरमेंट फंड छोटा हो सकता है, जानिए क्यों
अपडेटेड Dec 12, 2019 पर 13:38  |  स्रोत : Moneycontrol.com

मुमकिन है कि जल्द ही आपकी टेक होम सैलरी (Take Home salary) बढ़ जाए। केंद्र सरकार कुछ खास सेक्टर के एंप्लॉयी प्रोविडेंट फंड (EPF) की रकम मे कटौती करने की तैयारी में है। इससे आपकी होमटेक सैलरी तो बढ़ जाएगी लेकिन इसका कुछ नुकसान भी है। EPFO में कॉन्ट्रिब्यूशन घटने से आपका रिटायरमेंट फंड कम हो सकता है।


यह बदलाव सोशल सिक्योरिटी कोड बिल 2019 (Social security code bill 2019) का हिस्सा होगा। यह बिल इस हफ्ते संसद में पेश किया जाएगा। अगर यह बिल पास होता है तो EPF के तौर पर अभी जो 12 फीसदी का योगदान है वह घट जाएगा। हालांकि कंपनी की तरफ से EPF में किया जाने वाला कॉन्ट्रिब्यूश 12 फीसदी ही रहेगा।


फिलहाल कर्मचारी और कंपनी दोनों ही 12%-12% का योगदान करते हैं। हालांकि बिल पास होने के बावजूद यह नियम सबके लिए लागू नहीं होगा। मिंट के मुताबिक इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि सरकार MSME, टेक्सटाइल और स्टार्टअप्स कंपनियों में इसे लागू कर सकती है।


क्या होंगे बदलाव?


अगर सोशल सिक्योरिटी कोड बिल 2019 (Social security code bill 2019) लागू हो जाता है तो अलग-अलग सेक्टर के लिए EPF का कॉन्ट्रिब्यूशन 9 फीसदी से 12 फीसदी के बीच रह सकता है। एक अधिकारी ने बताया है कि इस फ्लेक्सिबिलिटी से कर्मचारियों के पास ज्यादा सैलरी आएगी।


हालांकि सरकार के इस कदम को घरेलू बाजार में उपभोग बढ़ाने की कोशिशों के तहत नहीं देखना चाहिए। सालभर में कर्मचारियों और कंपनियों के योगदान को मिलाकर कुल 1.3 लाख करोड़ रुपए EPFO में जमा होते हैं। ऐेसे में कर्मचारियों का योगदान 2-3 फीसदी कम करने से सालाना 3000 करोड़ रुपए भी उपभोग पर खर्च होगा। छह साल के निचले स्तर पर आई GDP को बढ़ावा देने के लिए यह रकम बहुत कम है।


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