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आवाज़ अड्डा: बीजेपी को मिला मौका, कांग्रेस भुगतेगी खामियाजा!

प्रकाशित Wed, 12, 2018 पर 07:52  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नेशनल हेराल्ड मामला अब कांग्रेस के लिए गले की हड्डी बनता जा रहा है। हालांकि इस मामले में आरोप पार्टी पर नहीं उसके अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी पर हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने इन दोनों की ये याचिका नामंजूर कर दी है कि इनकम टैक्स विभाग को 2011-12 के टैक्स एसेसमेंट की फाइल दोबारा खोलने से रोका जाए।


राफेल डील पर कांग्रेस के हमलों से बैकफुट पर दिख रही बीजेपी इस मामले के बाद राहुल गांधी को घेरने का नया मौका पा गई है। बीजेपी का आरोप है कि सोनिया और राहुल गांधी ने नेशनल हेराल्ड चलाने वाली कंपनी खरीद कर करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने की साजिश की है। चुनाव नजदीक आने के साथ ही बीजेपी इस मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरने की पूरी कोशिश करेगी। केंद्रीय मंत्री और राहुल गांधी की लोकसभा सीट पर उन्हें चुनौती देने वाली बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने हमले की कमान भी संभाल ली। अब सवाल यही है कि क्या नेशनल हेराल्ड केस कांग्रेस पर भारी पड़ेगा?


नेशनल हेराल्ड केस में सोनिया और राहुल गांधी को दिल्ली हाईकोर्ट का झटका जोर से लग सकता है। हाईकोर्ट ने सोनिया और राहुल गांधी की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने 2011-12 के अपने टैक्स एसेसमेंट की फाइल दोबारा खोले जाने को चुनौती दी थी। इनकम टैक्स विभाग ने राहुल गांधी के 2011-12 के टैक्स आकलन को फिर से खोलने का फैसला किया क्योंकि उन्होंने ये जानकारी नहीं दी थी कि वो 2010 से यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर थे। आईटी विभाग के मुताबिक राहुल की यंग इंडियन में जितनी हिस्सेदारी है उसके मुताबिक उनकी आय 154 करोड़ रुपये होती है ना कि 68 लाख रुपये जैसा कि पहले आकलन किया गया था। आयकर विभाग यंग इंडियन को एसेसमेंट ईयर 2011-12 के लिए 249 करोड़ रुपये का नोटिस जारी कर चुका है।


बीजेपी को राहुल गांधी और कांग्रेस को घेरने का मौका मिल गया। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स ने 50 लाख देकर 90 करोड़ रुपये का लोन लिया। बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुब्रमणियन स्वामी ने 2012 में सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ घोटाले का ये मामला खोला था। स्वामी ने अपनी याचिका में सोनिया और राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वो 1,600 करोड़ रुपये के हेराल्ड हाउस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि पटियाला हाउस कोर्ट से 2016 में इस मामले में सोनिया और राहुल गांधी को जमानत मिल चुकी है। स्वामी दिल्ली हाईकोर्ट के मौजूदा आदेश को अपनी जीत बता रहे हैं।


कांग्रेस पूरे नेशनल हेराल्ड केस को बीजेपी की साजिश बता रही है। उसका कहना है कि बीजेपी चुनाव में हार के डर से ऐसा करवा रही है। नेशनल हेराल्ड केस का फैसला जब होगा तब होगा। लेकिन इससे राहुल गांधी की मुश्किलें जरूर बढ़ सकती हैं। इससे पहले गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के डीएलएफ से जमीन की डील भी संदेह के घेरे में है। एक नई एफआईआर भी दर्ज हुई है। कांग्रेस इन सबको राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता कर बचने की कोशिश करेगी और बीजेपी इन दोनों मामलों को कांग्रेस के भ्रष्टाचार के रूप में पेश करके चुनाव में राहुल गांधी को निशाने पर लेगी। सवाल है कि क्या 2019 से पहले तस्वीर साफ होगी?