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आवाज़ अड्डा: कांग्रेस का मिशन 2019, महिलाओं-युवाओं और हिंदुत्व पर फोकस

प्रकाशित Sat, 08, 2018 पर 15:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर हैं। और इधर खबर आई है कि कांग्रेस ने 2019 के चुनाव में बीजेपी को टक्कर देने की रणनीति बना ली है। हमारे सहयोगी चैनल सीएनएन न्यूज18 की एक्सक्लूसिव खबर है कि कांग्रेस इस बार महिलाओं और नौजवानों को लुभाने के साथ-साथ हिंदुत्व के एजेंडे को भी लेकर चुनावी मैदान में उतरेगी। यही नहीं राहुल गांधी के मंदिर दर्शन और तीर्थ यात्राओं के जरिए उनकी हिंदू इमेज को भी प्रोजेक्ट किया जाएगा। जानकारी ये भी है कि कांग्रेस 25 फीसदी टिकट भी महिलाओं को देगी।


इतना ही नहीं, चुनावी एक्शन में प्रियंका गांधी का रोल भी बड़ा होने जा रहा है। हालांकि दूसरी तरफ ये भी सच है कि विपक्षी पार्टियों के महागठबंधन में कांग्रेस की जगह क्या होगी और कितनी बड़ी होगी ये फिलहाल तय नहीं हो पाया है। दबाव बनाने के लिए कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि पार्टी अकेले भी चुनाव लड़ने को तैयार है। लेकिन अब सवाल ये है कि क्या कांग्रेस की रणनीति पार्टी के लिए संजीवनी का काम करेगी। और क्या हिंदुत्व और महिलाओं पर फोकस करने से 2019 में कांग्रेस को फायदा मिलेगा?


2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को टक्कर देने के लिए कांग्रेस ने रणनीति तैयार कर ली है। सीएनएन न्यूज18 को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक कांग्रेस हिंदुत्व कार्ड खेलने के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं पर जोर देगी। महिलाओं को लुभाने के लिए कांग्रेस महिला आरक्षण बिल पर फोकस करेगी। कांग्रेस कम से कम 25 फीसदी महिलाओं को टिकट देगी। इसके अलावा देशभर से बुद्धिजीवी, कारोबारी और महिला प्रोफेशनल्स को भी जोड़ा जाएगा। चुनावी एक्शन में प्रियंका गांधी का भी अहम रोल होगा।


बीजेपी और आरएसएस के हिंदुत्व को काउंटर करने के लिए भी कांग्रेस ने प्लान बनाया है। चुनावी कैंपेन में राहुल को शिव भक्त और जनेऊधारी के रूप में प्रोजेक्ट करने की तैयारी है। राहुल की कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी अच्छी तरह भुनाया जाएगा। इसके अलावा राहुल उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में यात्रा करेंगे और मठों में भी जाएंगे।


युवाओं को लुभाने के लिए कांग्रेस टैक्स में कटौती और रोजगार देने का वादा करेगी। छोटे कारोबारियों को लुभाने के लिए जीएसटी स्लैब में कमी और टैक्स बेनिफिट देने का वादा किया जाएगा। बीजेपी के खिलाफ मोर्चा बनाने में लगीं विपक्षी पार्टियों के महागठबंधन की कोशिशें चल रही हैं। लेकिन इसमें कांग्रेस को बड़ा रोल मिलने में दिक्कत हो रही है। ऐसे में अब कांग्रेस विपक्षी दलों पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है।


कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि कांग्रेस ने समान विचारधारा वाली पार्टियों की ओर गठबंधन के लिए हाथ बढ़ाया है, लेकिन वो अकेले भी चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। वहीं कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने एक इंटरव्यू में कहा कि 2019 के चुनाव से पहले महागठबंधन नामुमकिन है। लेकिन चुनाव के बाद गठजोड़ हो सकता है।


कांग्रेस के ब्लूप्रिंट में बीजेपी को टक्कर देने का फॉर्मूला दिख रहा है। लेकिन सवाल ये है कि क्या कांग्रेस राहुल की हिंदू वाली इमेज बनाकर बीजेपी को मात दे पाएगी? चुनाव में प्रियंका गांधी का रोल क्या होगा ये अभी साफ नहीं है। चुनाव में उनका करिश्मा कितना दिखेगा इस पर भी सवालिया निशान है। बूथ स्तर पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मैनेजमेंट अच्छा नहीं है। ऐसे में क्या उसे बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को मजबूत नहीं करना चाहिए। या कांग्रेस सिर्फ हिंदुत्व और महिलाओं के भरोसे ही चुनाव जीतना चाहती है।