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आवाज़ अड्डाः यूपी में बंगले के बहाने राजनीति

प्रकाशित Thu, 14, 2018 पर 08:00  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सरकारी बंगले में तोड़फोड़ उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भारी पड़ रही है, अखिलेश यादव ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस तरह बात की उसमें सफाई से ज्यादा झुंझलाहट ज्यादा दिखाई दे रही थी, अखिलेश ने बीजेपी पर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाया तो वहीं बीजेपी ने उनसे बंगले पर खर्च हुए पैसे का हिसाब किताब मांग लिया। अखिलेश धीरे-धीरे जांच के घेरे में आते दिखाई दे रहे हैं । सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कई पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी बंगला खाली कर चुके हैं लेकिन अखिलेश के लिए ये बंगला गले की फांस बन गया है। सवाल ये उठता है कि क्या बंगले के बहाने अखिलेश को बदनाम किया जा रहा है या फिर अखिलेश ने गलत बयाना मोल ले लिया है।


सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अखिलेश यादव ने भले ही लखनऊ के 4 विक्रमादित्य मार्ग पर सरकारी बंगला खाली कर दिया हो, लेकिन ये बंगला उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है। बंगले को लेकर अखिलेश और बीजेपी में ठन गई है। अखिलेश पर सरकारी बंगले को काफी नुकसान पहुंचाने के आरोप लग रहे हैं। जवाब में अखिलेश ने कहा कि बीजेपी उनसे उपचुनाव में हार का बदला ले रही है। अखिलेश ने कहा कि अगर राज्य सरकार बंगले से निकाली गई चीजों की लिस्ट दे दे तो वो उन्हें लौटाने को तैयार हैं।


सफाई देते वक्त अखिलेश कुछ झुंझलाते हुए भी नजर आए। अखिलेश ने बंगले में तोड़फोड़ को लेकर योगी सरकार के अधिकारियों पर भी सवाल उठाए।
 
वहीं बीजेपी ने अखिलेश पर पलटवार करते हुए कहा कि
यूपी सरकार को राज्यपाल राम नाइक की चिट्ठी मिल गई है और सरकार इस मामले की जांच कराएगी। इतना ही नहीं बीजेपी ने अखिलेश से बंगले पर खर्च हुए पैसे का हिसाब इनकम टैक्स विभाग को देने के लिए भी कहा।


कहा जाता है कि अखिलेश के बंगले की साज सज्जा पर कुल 42 करोड़ रुपए खर्च हुए। राज्य संपत्ति विभाग भी अखिलेश को नोटिस देने की तैयारी कर रहा है। किस विभाग से कितना पैसा खर्च हुआ इसकी जांच होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मायावती, राजनाथ सिंह समेत कई अन्य पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी बंगला खाली कर चुके हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि अखिलेश अपने बचाव में जो दलीलें दे रहे हैं क्या वो भरोसेमंद लगती हैं और क्या ये उन्हें बदनाम करने की बीजेपी की साजिश है।