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आवाज़ अड्डा: बुलंदशहर मामले में इंसाफ दिलाएंगे योगी!

प्रकाशित Fri, 07, 2018 पर 07:51  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बुलंदशहर की हिंसा कैसे भड़की और इसके पीछे किसका हाथ है, इसका पता अभी तक नहीं चल पाया है। एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। लेकिन पुलिस अभी तक फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। आरोपी योगेश राज और शिखर अग्रवाल अपने वीडियो बनाकर खुद को बेकसूर साबित करने में लगे हैं। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओ पी सिंह को भी अब इस मामले में किसी साजिश की बू आ रही है। वहीं दूसरी तरफ शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें हर संभव मदद और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है। लेकिन सवाल ये है कि क्या बुलंदशहर की घटना धार्मिक उन्माद भड़काने की साजिश थी?


बुलंदशहर की हिंसा में शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह का परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने उनके आवास पर पहुंचा। मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया और परिवार की सभी मांगें भी मान ली हैं। सुबोध के परिवार को 50 लाख रुपए की मदद के अलावा पेंशन और एक सदस्य को नौकरी मिलेगी। सुबोध के नाम पर उनके गांव में सड़क का नाम भी रखा जाएगा। राज्य सरकार ना सिर्फ सुबोध का बकाया होम लोन चुकाएगी बल्कि बेटों की पढ़ाई के लिए लिया गया लोन भी चुकता करेगी।


पुलिस बुलंदशहर की घटना के आरोपियों को ढूंढ रही है जबकि वो एक एक करके अपने वीडियो जारी कर रहे हैं। पुलिस मुख्य आरोपी योगेश राज को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है जबकि बीजेपी युवा मोर्चा का नेता शिखर अग्रवाल भी फरार है। दोनों ही अपने आपको बेकसूर बता रहे हैं।


लेकिन इस वारदात को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। गोकशी के नाम पर जो अवशेष लाए गए थे वो किस पशु के थे? क्या ये सांप्रदायिक दंगे करवाने की सोची समझी साजिश थी। क्योंकि आस पास के गावों में आलिमी तब्लिगी इज्तिमा के लिए 10 लाख से ज्यादा मुसलमान इकट्ठा हुए थे। पुलिस महानिदेशक पहले ही साजिश की बात कह चुके हैं। बीजेपी के सांसद भोला सिंह को भी ऐसा लगता है लेकिन वो अपने सरकारी महकमे को ही कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।


एसआईटी इस पूरे मामले की जांच कर रही है। सवाल ये है कि बुलंदशहर की हिंसा हादसा थी या साजिश? क्या इस पूरी घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। थाने पर उत्पात मचाने के लिए वीएचपी, बजरंग दल के कार्यकर्ता इसलिए पहुंच गए क्योंकि योगी राज में उनका हौसला बढ़ा हुआ है। क्या ये कुछ अराजक तत्वों की धार्मिक उन्माद भड़काने की कोशिश थी?