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आवाज़ अड्डाः चुनावी पिच पर मोदी के चौके-छक्के, मिलेगा फायदा!

प्रकाशित Sat, 12, 2019 पर 14:24  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं। सारी पार्टियां तैयारी में जुटी हैं। मोदी सरकार के मंत्रियों और पार्टी प्रवक्ताओं के पास यूं तो सरकार का काम गिनाने के लिए खूब लंबी लिस्टें मौजूद हैं। लेकिन हिंदी पट्टी के तीन राज्यों से जो नतीजे आए उनके बाद ऐसा लगता है कि माहौल कुछ बदल गया है। विपक्ष के हौसले बुलंद हो गए हैं और सरकार के लोग भी अब विपक्ष की कमियां गिनाने में लग गए हैं। लेकिन एक बात साफ है कि अब सरकार का फोकस गांव, गरीब और किसान के साथ-साथ मिडिल क्लास और छोटे कारोबारियों पर भी आ गया है। 2019 का मैच जीतने के लिए सरकार अब तेजी से चौके छक्के लगाने की तैयारी में है। कुछ बड़े एलान हो चुके हैं और जानकारों की मानें तो अभी ऐसे अनेक एलान और हो सकते हैं। सवाल ये है कि क्या चुनाव से पहले इन बड़े एलानों का मोदी सरकार को फायदा होगा?


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साफ साफ संकेत दे रहे हैं कि उनका फोकस में गांव, गरीब और किसान है। मोदी सरकार के साढ़े 4 साल निकल चुके हैं और लोकसभा चुनाव सिर पर हैं। सरकार वोटरों को लुभाने के लिए फ्रंट फुट पर आकर चौके-छक्के लगाने की तैयारी कर रही है। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देकर मोदी सरकार ने पहला छक्का लगा दिया है।


सरकार का फोकस गांव, गरीब और किसान पर है। इनके लिए सरकार कुछ बड़े एलान कर सकती है। सरकार पट्टे पर खेती करने वाले किसानों को लोन या बीमा की सुविधा का एलान कर सकती है। फसल बीमा योजना में बदलाव हो सकता है। किसान कर्ज देने वाली स्कीम में भी बदलाव हो सकता है। सरकार भावांतर की तर्ज पर सीधे किसानों के खाते में पैसा जमा करने के लिए योजना ला सकती है। सरकार यूनिवर्सल बेसिक इनकम स्कीम लागू करने पर भी विचार कर रही है। इसके तहत सभी परिवारों को हर महीने तय भत्ता मिल सकता है। बीजेपी को उम्मीद है कि गरीबों का साथ भी इस चुनावी जंग में उनका बड़ा हथियार होगा।


जीएसटी को लागू हुए डेढ़ साल से ज्यादा का वक्त हो गया है। इसकी कठिनाइयों को दूर करने का काम भी चल रहा है। साथ ही छोटे कारोबारियों के लिए बड़े राहत पैकेज की भी तैयारी है।


सरकार छोटे कारोबारियों के लिए जल्द ही सस्ते ब्याज पर लोन देने और मुफ्त बीमा का एलान कर सकती है। सरकार छूट का फायदा पाने वाले कारोबारियों के टर्नओवर की अधिकतम सीमा तय करेगी। इसमें महिला कारोबारियों को ज्यादा रियायत मिल सकती है। सरकार कारोबारियों को डिजिटल ट्रांजैक्शन पर बैंक चार्ज से छूट दे सकती है। कंप्यूटर लगाने और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के लिए भी सस्ता कर्ज मिल सकता है।


सरकार ने कंपोजिशन स्कीम की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपए करके छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। आरक्षण के मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा के दौरान कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद आने वाले दिनों में कई बड़े एलानों का संकेत दे चुके हैं।
 
2019 के मैच के आखिरी ओवर चल रहे हैं। ऐसे में सरकार बड़े शॉट खेलने की तैयारी में है। मिडिल क्लास और किसानों को खुश करने की तैयारी है। सवाल ये है कि अब अगर चुनाव से पहले बड़े एलान होंगे तो क्या उनका फायदा मोदी सरकार को होगा? मोदी जी चुनावी रैलियों में पिछले साढ़े चार साल में किए गए काम गिनाते हैं। अगर काम मजबूत है तो रेवड़ियां बांटने की जरूरत क्यों पड़ रही है? क्या ये माना जाए कि मोदी का जादू खत्म हो रहा है? और क्या चुनाव से पहले की राजनीति अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ेगी?