Moneycontrol » समाचार » राजनीति

आवाज़ अड्डा: बंगाल में सुप्रीम कोर्ट का दखल, सीबीआई को राहत

प्रकाशित Wed, 06, 2019 पर 08:43  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में चल रहे सियासी ड्रामे पर फिलहाल विराम लगा दिया है। सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को शिलॉन्ग में सीबीआई के सामने पेश होने का आदेश दिया है। हालांकि कोर्ट ने कहा है कि राजीव कुमार की गिरफ्तारी नहीं होगी। इसके अलावा कोर्ट ने बंगाल के डीजीपी, चीफ सेक्रेटरी और पुलिस कमिश्नर को कोर्ट की अवमानना पर 18 फरवरी तक जवाब देने को कहा है। कोर्ट के आदेश के दोनों पक्ष खुश हैं और अपनी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।




सीबीआई पर घमासान भले ही थम गया हो। लेकिन चुनाव को लेकर जुबानी जंग जारी है। बीजेपी को राज्य से दूर रखने के लिए ममता अपने रुख पर अड़ी हुई हैं। परुलिया में रैली के लिए उन्होंने योगी आदित्यनाथ के हेलीकॉप्टर को उतरने की अनुमति नहीं दी। योगी का हेलीकॉप्टर झारखंड में उतारना पड़ा। वहां से वो पुरुलिया सड़क के रास्ते गए। ममता पहले भी अमित शाह और योगी की रैलियों में बाधा बन चुकी हैं। अब वो योगी पर हमलावर हो गई हैं।




बीजेपी पश्चिम बंगाल में अपनी जमीन तैयार करने की भरपूर कोशिश कर रही है। लेकिन ममता के ब्रेकर उसके रास्ते में परेशानी खड़ी कर रहे हैं। बीजेपी कह रही है कि ममता घबरा गई हैं। कांग्रेस भी बीजेपी के ऊपर संवैधानिक संस्थाओं को खत्म करने का आरोप लगा रही है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी अपने मिशन में फेल हो गई है।




गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखी है जिसमें राज्य सरकार से राजीव कुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा गया है। सवाल ये है कि क्या सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ममता और मोदी सरकार के बीच टकराव खत्म हो गया है? या फिर ये सिर्फ एक ट्रेलर था। पूरी पिक्चर अभी बाकी है। और सबसे बड़ा सवाल ये कि सीबीआई कांड के बाद बंगाल में चुनाव में किसको फायदा होगा? ममता को या मोदी को।