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आवाज़ अड्डा: चुनाव आए तो राम याद आए!

प्रकाशित Tue, 27, 2018 पर 08:06  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

अयोध्या में राम मंदिर एक बार फिर चुनावी मुद्दा बनता दिख रहा है। विश्व हिंदू परिषद की धर्मसभा और राजनीतिक दलों की बयानबाजी ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है। हर कोई जल्दी राम मंदिर बनाने की मांग कर रहा है और सरकार पर दबाव बना रहा है। लेकिन मामला कोर्ट में है और सरकार कोर्ट के फैसले से पहले जल्दबाजी में कोई कदम उठाने से बच रही है। राम नाम की लहर में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना भी फायदा उठाना चाहती है, इसलिए उद्धव ठाकरे ने भी राम नाम की माला जपना शुरू कर दिया है। रामलला की सबसे बड़ी मूर्ति बनाने की बात हो या फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या करना, बीजेपी इस मुद्दे को गरम रखने की कोशिश कर रही है। सवाल ये है कि क्या 2019 के चुनाव से पहले राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा?


राम नाम के नारों की ये गूंज 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले थमती दिखाई नहीं दे रही है। साधु संत और राम भक्त जल्द से जल्द राम मंदिर का निर्माण चाहते हैं। शिवसेना के प्रमुख उद्धव ठाकरे भी इसी इच्छा से अयोध्या पहुंचे। संत और राम भक्तों की बेसब्री से सरकार इत्तेफाक तो रखती है लेकिन जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाना चाहती। एक इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा है कि बीजेपी कोर्ट के फैसले का इंतजार करेगी। विधानसभा चुनाव के प्रचार में भी ये मुद्दा बार-बार उठ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तो मानना है कि मंदिर के निर्माण में देरी के लिए असली खलनायक कांग्रेस है।


प्रधानमंत्री ने कांग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल की तरफ इशारा किया तो उन्होंने भी मोदी को जवाब दिया। कपिल सिब्बल ने कहा कि जनवरी 2018 के बाद से वो इस मामले में कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं। बहती गंगा में हाथ धोने के लिए बीजेपी की सहयोगी शिवसेना भी बीच में कूद पड़ी है। उद्धव ठाकरे ने अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए और बीजेपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने बीजेपी को याद दिलाया कि राम मंदिर उनका चुनावी मुद्दा है। अगर बीजेपी राम मंदिर नहीं बनाएगी तो चुनाव हार जाएगी।


आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठन राम मंदिर के निर्माण के लिए लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं। मोहन भागवत का कहना है कि न्याय में देरी भी अन्याय के बराबर है। उनकी मांग है कि सरकार कानून बनाए या अध्यादेश लाए, अयोध्या में राम मंदिर जल्दी से जल्दी बनना चाहिए। राम की कृपा सबको चाहिए। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम की जो भव्य प्रतिमा बनाने की घोषणा की है अब उसकी तस्वीर भी जारी कर दी है। इस मूर्ति की कुल ऊंचाई 221 मीटर होगी और ये स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से भी ऊंची होगी।


ऐसे में सवाल ये है कि क्या चुनाव से राम मंदिर के मुद्दे को गरमाकर सिर्फ माहौल बनाया जा रहा है या फिर वास्तव में लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा? सवाल ये भी है कि अगर राम मंदिर को लेकर कुछ ठोस नहीं हुआ तो क्या बीजेपी को इस बार उसका नुकसान उठाना पड़ेगा या राम मंदिर बनाने के लिए क्या जनता मोदी को एक चांस और देगी? इन्हीं सवालों पर आधारित है आज का आवाज़ अड्डा।