Moneycontrol » समाचार » राजनीति

आवाज़ अड्डा: 2019 के चुनाव के लिए क्या हैं संकेत

प्रकाशित Sat, 08, 2018 पर 13:32  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

राजस्थान और तेलंगाना में मतदान खत्म होने के साथ ही 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों का एग्जिट पोल भी आ गया है। चुनाव से पहले मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कांटे की टक्कर बताई जा रही थी। जबकि राजस्थान में कांग्रेस का पलड़ा भारी बताया जा रहा था। ज्यादातर एग्जिट पोल राजस्थान में कांग्रेस को बढ़त दिखा रहे हैं। जबकि मध्य प्रदेश और छ्त्तीसगढ़ में स्थिति साफ नहीं है। इन राज्यों में किसकी सरकार बनेगी और 2019 के लिए क्या संकेत मिलेंगे ये 11 दिसंबर को पता चलेगा।


एग्जिट पोल में राजस्थान में कांग्रेस की जय-जय दिख रही है। ज्यादातर एग्गिट पोल यहां कांग्रेस को बहुमत दिखा रहे हैं। रिपब्लिक और सी वोटर के पोल में कांग्रेस को 200 में से 137 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं इंडिया टुडे ने कांग्रेस को 119 से 141 सीटों का अनुमान दिया है। यहां रिपब्लिक टीवी और जन की बात को छोड़कर किसी भी पोल ने बीजेपी को सरकार बनाने हुए नहीं दिखाया है।


इधर मध्य प्रदेश में कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है। वैसे ज्यादा एग्जिट पोल में कांग्रेस को बढ़त दिखाई गई है। एबीपी-सीएसडीएस, टुडे चाणक्या, रिपब्लिक और इंडिया टुडे कांग्रेस सरकार की भविष्यवाणी कर रहे हैं। लेकिन टाइम्स नाउ, इंडिया टीवी, रिपब्लिक का एक दूसरा सर्वे और न्यूज नेशन बीजेपी को बढ़त दिखा रहे हैं। साफ है कि बीजेपी के लिए खेल आसान नहीं है, हालांकि अभी पूरी तरह निराश भी नहीं हो सकते।


छत्तीसगढ़ में भी मुकाबला दिलचस्प होगा। कुछ सर्वे जैसे कि एबीपी-सीएसडीएस, टाइम्स नाउ बीजेपी की सरकार भी बनवा रहे हैं। लेकिन दूसरी तरफ इंडिया टुडे, टुडे चाणक्या और रिपब्लिक सी वोटर कांग्रेस की सरकार बनवा रहे हैं। यहां भी 11 तारीख को नतीजे देखना दिलचस्प होगा।


उधर तेलंगाना में एक बार फिर मुख्यमंत्री और टीआरएस नेता के चंद्रशेखर राव का दबदबा दिख रहा है। लगभग सभी एग्जिट पोल कह रहे हैं कि टीआरएस आसानी से सरकार बना लेगी। वहीं मिजोरम में मिली जुली सरकार की संभावना दिख रही है। यहां दोनों ही सर्वे बता रहे हैं कि बहुमत का आंकड़ा मुश्किल से जुटेगा। यहां विधान सभा भी छोटी, सिर्फ 40 सीटों की है। दिलचस्प है कि मिजोरम की 39 सीटों पर बीजेपी ने भी उम्मीदवार दिए हैं। वैसे यहां मुकाबला सत्ताधारी मिजो नेशनल फ्रंट और कांग्रेस के बीच है।