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Bihar election:बिहार के दंगल में कौन कितने पानी में, अबकी बार आएगी किसकी बहार!

बिहार में चुनावी पारा चढ़ता जा रहा है। बिहार में मुकाबला अब तगड़ा होता दिखाई देने लगा है।
अपडेटेड Oct 24, 2020 पर 20:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

बिहार में चुनावी पारा चढ़ता जा रहा है। बिहार में मुकाबला अब तगड़ा होता दिखाई देने लगा है। आरजेडी ने अब से थोड़ी देर पहले ही अपना घोषणापत्रा जारी किया। घोषणापत्र जारी करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी सरकार आई तो बिहार में 10 लाख लोगों को रोजगार दिया जाएगा। आरजेडी ने किसानों की कर्जमाफी का भी वादा किया। रोजगार के मुद्दे पर नीतीश कुमार और बीजेपी को घेरते हुए तेजस्वी यादव ने दावा किया कि आरजेडी डबल इंजन की सरकार की तरह झूठ नहीं बोलती।


बता दें कि कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सासाराम, गया और भागलपुर में तीन रैलियां कीं  और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने लालू परिवार पर निशाना साधते हुए कहा था कि जब RJD-JDU की 18 महीने सरकार रही तब लालू परिवार ने बड़े-बड़े खेल किए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बिहार में लालटेन की जरूरत खत्म हो गई है और ये लड़ाई जंगलराज बनाम सुशासन के बीच है।


पार्टियों और दलों के चुनावी वादों पर नजर डालें तो  BJP बिहार में सबको फ्री कोरोना वैक्सीन देनें। मेडिकल, इंजीनियरिंग समेत हिंदी में तकनीकी शिक्षा देनें। 1 साल में 3 लाख शिक्षकों की नियुक्ति करने। 5 साल में 5 लाख से ज्यादा रोजगार देनें। 1 करोड़ महिलाओं को स्वावलंबी बनानें। 1 लाख लोगों को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी देने। MSP पर दलहन की खरीद। 2022 तक 30 लाख लोगों को पक्का मकान देनें। 2 साल में 15 नए प्रोसेसिंग उद्योग खोलने। मीठे पानी वाली मछलियों के उत्पादन में बिहार को नंबर-1 बनाने और किसान उत्पाद संघों की बेहतर सप्लाई चेन और 10 लाख रोजगार सृत करने जैसे वायदे कर रही है।


वहीं, महागठबंधन का संकल्प पत्र कहता है कि 10 लाख युवाओं को रोजगार देंगे। किसानों की कर्ज माफी होगी। केंद्र के 3 किसान कानूनों को खत्म करेंगे। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलवाएंगे। नियोजित शिक्षकों को समान काम समान वेतन मिलेगा। शिक्षा मित्रों को स्थायी करेंगे। कर्पूरी श्रम केंद्र खोला जाएगा और जीविका दीदी का वेतन बढ़ाया जाएगा।


JDU के निश्चय पत्र में  युवाओं को बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण, आंत्रप्रेन्योरशिप को बढ़ावा, नए व्यवसाय के लिए 3 लाख तक सरकारी मदद, महिला आंत्रप्रेन्योर्स को 5 लाख की मदद, महिला आंत्रप्रेन्योर्स को 5 लाख तक ब्याज मुक्त लोन, 12वीं पास होने पर स्नातक के लिए छात्राओं को 25,000 रुपए, स्नातक होने पर छात्राओं को 50,000 रुपए की सहायता, हर खेत में सिंचाई का पानी, स्वच्छ गांव, समृद्ध गांव, स्वच्छ शहर, विकसित शहर और सबके लिए स्वास्थ्य सुविधा जैसे वायदे किए गए हैं।


बिहार के चुनावी दंगल में सीटों का बंटवारा


NDA में सीटों का बंटवारा


बिहार में कुल सीटें 243 सीटें हैं जिसमें से  115 पर JDU,112 पर BJP,VIP 9 पर और HAM 7 पर चुनाव लड़ रही है।


महागठबंधन में सीटों का बंटवारा


RJD के हिस्से में 144, कांग्रेस के हिस्से में 70,CPI (ML) के हिस्से में 19, CPI के हिस्से में 6 और CPM के हिस्से में 4 सीटें आई हैं।


बिहार में किसको कितनी सीटें?


लोकनीति-CSDS के चुनाव पूर्व सर्वे के मुताबिक बिहार में NDA को  133-143, तेजस्वी के महागठबंधन को  88-98, चिराग के   LJP को 2-6 सीटें मिल सकती हैं जबकि  6-10 सीटें अन्य के खाते में जा सकती हैं।


लोकनीति-CSDS सर्वे में ये भी निकल कर आया है कि बिहार में NDA को 38 फीसदी, महागठबंधन को 32 फीसदी,  LJP को 6 फीसदी, GDSF को 7 फीसदी और अन्य को    17 फीसदी वोट मिल सकते हैं।


इस सर्वे के मुताबिक  मुख्यमंत्री पद के लिए 31 फीसदी लोगों की पहली पसंद नीतीश कुमार  हैं। जबकि 27 फीसदी लोग  तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। सुशील मोदी के पक्ष में  4 फीसदी और चिराग पासवान के पक्ष में 5 फीसदी लोग हैं।


लोकनीति-CSDS सर्वे के इस सर्वे में शामिल 31 फीसदी लोगों का मानना है कि नीतीश को एक और मौका मिलना चाहिए। 26 फीसदी लोगों की राय है कि नीतीश को अब मौका नहीं मिलना चाहिए। वहीं,  34 फीसदी लोग नए चेहरे के पक्ष में हैं।


किस मुद्दे पर करेंगे वोट? इस सवाल पर  29 फीसदी लोगों ने कहा कि वो विकास के आधार पर वोटिंग करेंगे। वहीं,  20 फीसदी लोगों ने बेरोजगारी, 11 फीसदी लोगों ने महंगाई, 6 फीसदी लोगों ने गरीबी,   7 फीसदी लोगों ने शिक्षा को अपना मुख्य मुद्दा बताया जबकि 25 फीसदी लोगों ने अन्य मुद्दों को वोटिंग का आधार बताया, (स्रोत: लोकनीति-CSDS सर्वे)।




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