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वसूली के लगे आरोपों पर BJP ने की CM उद्धव ठाकरे और अनिल देशमुख के नार्को टेस्ट की मांग

राम कदम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उद्धव ठाकरे और अनिल देशमुख आखिर क्‍यों नार्को टेस्‍ट नहीं करवा रहे हैं?
अपडेटेड Mar 23, 2021 पर 08:40  |  स्रोत : Moneycontrol.com

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Param Bir Singh) द्वारा महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) पर 100 करोड़ रुपए की वसूली करवाने के आरोपों को लेकर सोमवार को लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामा हुआ। लोकसभा में BJP सदस्यों ने परमबीर सिंह द्वारा राज्य के गृह मंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों का मुद्दा सोमवार को उठाया और इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की।


गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगे 100 करोड़ रुपये की वसूली के आरोपों के बीच अब BJP ने मांग की है कि मुख्‍यमंत्री और गृह मंत्री का नार्को टेस्‍ट (Narco Tests) किया जाए। BJP का कहना है कि अगर दोनों नेता झूठ नहीं बोल रहे तो उन्हें नार्को टेस्‍ट से गुजरना चाहिए ताकि सच सामने आ सके। BJP नेता राम कदम ने सरकार को घेरते हुए सोमवार को कहा कि अगर सरकार सच बोल रही है तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और गृह मंत्री अनिल देशमुख का नार्को टेस्ट करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीता माता ने भी अग्नि परीक्षा दी है।


राम कदम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उद्धव ठाकरे और अनिल देशमुख आखिर क्‍यों नार्को टेस्‍ट नहीं करवा रहे हैं? अगर वे सच बोल रहे हैं तो टेस्‍ट करवाने में क्‍या दिक्‍कत है। यहां तक कि माता सीता को भी अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ा था तो ये दोनों नेता ऐसा क्‍यों नहीं कर सकते? BJP नेता ने कहा कि परमबीर सिंह ने अपना ट्रांसफर किए जाने के बाद CM ऑफिस को चिट्ठी लिखकर गृह मंत्री पर बड़े आरोप लगाए हैं। ऐसे में हमें यह जानने का हक है कि इसके पीछे उनका क्‍या मकसद है। क्‍या उनके ऊपर कोई राजनीतिक दबाव था?


इससे पहले लोकसभा में उत्तर पूर्व से सांसद मनोज कोटक ने गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की। कोटक ने दावा किया कि महाराष्ट्र के लोगों में धारणा है कि सरकार का इस्तेमाल व्यापारियों को डराने के लिए हो रहा है तथा इसमें अधिकारियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस मामले में CBI जांच होनी चाहिए और महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।


लोकसभा में BJP सांसदों ने जहां इसे अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया, वहीं शिवसेना और कांग्रेस ने केंद्र पर महाराष्ट्र सरकार को गिराने का प्रयास करने का इल्जाम लगाया। गौरतलब है कि मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख परमबीर सिंह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पिछले हफ्ते पत्र लिखकर दावा किया था कि महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने पुलिस अधिकारियों को 100 करोड़ रूपये की मासिक वसूली करने को कहा है। इस पत्र के बाद राज्य में सियासी तूफान आ गया।


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