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चाय की चुस्की के साथ राजनीति, बाजार पर बात

प्रकाशित Thu, 14, 2019 पर 15:44  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

ये चाय बड़ी दिलचस्प चीज है। चाय प्रतीक है दोस्ती का, मानसम्मान का, दिल की बातें करने का। जब किसी विषय या मुद्दे से प्यार हो तो उसकी चर्चा करते हुए चाय की चुस्कियां लगाई जाती हैं इसे ही कहते हैं चाय पर चर्चा। इस वक्त देश में सियासी माहौल गरम है। आप जहां भी नजरें घुमाएंगे चाय की गुमटी पर राजनीति के सुलगते मुद्दों लोग चर्चा करते मिल जाएंगे।


कुछ वक्त पहले इससे ही क्लू लेते हुए सीएनबीसी-आवाज़ ने भी चाय पर चर्चा प्रोग्राम शुरू किया था। अब दर्शकों की भारी डिमांड पर इसे फिर से शुरू किया जा रहा है। इस शो में बाजार, राजनीति और देश के सुलगते मुद्दों की चर्चा होगी। तो तैयार हो जाइए आवाज़ की टीम के साथ गरमा-गरम चाय के साथ चटपटी चर्चा के लिए। इस चर्चा में जुड़ रहे हैं आवाज़ के कंसल्टिंग एडिटर शैलेंद्र भटनागर, हेमंत घई, नीरज वाजपेयी और विरेंद्र कुमार।


बाजार से शुरुआत करें तो बाजार के लिए चुनाव अहम ट्रिगर है। 2014 लोकसभा चुनाव के समय बाजार में जोरदार तेजी आई थी। चुनाव नतीजों के पहले ही बाजार चलने लगा था। 5 मार्च 2014 को चुनाव की घोषणा से लेकर अंतिम दौर की वोटिंग तक कई शेयरों में जोरदार रिटर्न मिला था। सीएनबीसी-आवाज़ की दीपाली राणा बता रही हैं कि इस चुनाव में बाजार के लिए क्या संकेत हैं।


राजनीति की बात करें तो वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आवाज़ के सहयोगी चैनल सीएनएन- न्यूज 18 से बातचीत में कहा कि भारत की विदेश नीति पूरी तरह से सफल है। चाहे मसला चीन का हो या पाकिस्तान का हो। उन्होंने अजहर मसूद मामले में यूएन में  चीन के विरोध पर सवाल के जवाब में ये बात कही। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बालाकोट हमले पर बयान को लेकर विपक्ष को जमकर घेरा। उन्होने कहा कि विपक्ष देश के साथ खड़ा होने की बजाय पाकिस्तान का हथियार बन गया है। अहजर मसूद पर चीन के वीटो पर राहुल गांधी के ट्वीट का जवाब देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जिस दिन विदेश नीति ट्वीट से तय होने लगेगी उस दिन देश की खैरियत नहीं रहेगी।