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चीन फिर बना आतंकवादी अजहर का रक्षक

प्रकाशित Thu, 14, 2019 पर 16:46  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अज़हर को अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की राह में चीन ने एक बार फिर रोड़ा अटका दिया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में चीन ने मसूद अजहर पर बैन के प्रस्ताव के ख़िलाफ़ वीटो लगा दिया जिससे एक बार फिर ये साबित हो गया कि चीन का हाथ आतंकवादियों के साथ है।


ये प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तीन ताक़तवर देश अमेरिका, ब्रिटेन और फ़्रांस ने पेश किया था लेकिन चीन की हमदर्दी ने एक बार फिर पाकिस्तान की गोद में बैठे मसूद अज़हर को बचा लिया। चीन के वीटो के बाद अब अगले नौ महीने तक यूएनएससी में मसूद पर बैन लगाने का प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता है।


सूत्रों के मुताबिक चीन ने मसूद के ख़िलाफ़ पेश प्रस्ताव पर टेक्निकल होल्ड लिया है और वो नौ महीने तक इस प्रस्ताव को होल्ड पर रख सकता है यानी अगले नौ महीने तक यूएनएससी में मसूद पर बैन लगाने का प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकेगा। इसलिए अहम सवाल ये है क्या चीन आतंकवाद पर दोहरा मापदंड अपना रहा है। क्या चीन अपने फ़ायदे के लिए दुनिया को आतंकवाद पर गुमराह कर रहा है।


चीन ने चौथी बार यूएन में पुलवामा हमले के गुनहगार आतंकी मसूद को अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित करने वाले प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया और उसे बचा लिया। सुरक्षा परिषद में अमेरिका, फ़्रांस और ब्रिटेन ने प्रस्ताव रखा था। चीन के वीटो के बाद अब अगले नौ महीने तक यूएनएससी में मसूद पर बैन लगाने का प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकता है।


अब सवाल ये उठता है कि आखिर कब तक आतंकी मसूद को बचाएगा चीन? क्या चीन को इसकी सज़ा नही मिलनी चाहिए। क्या चीन के सामान का बहिष्कार नहीं होना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मसूद के मामले पर चीन के विरोध पर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को आड़े हाथों लिया है।


राहुल ने ट्वीट कर कहा है कि मोदी कमजोर हैं और चीन से डरते हैं। वो शी जिनपिंग के साथ झूला झूल सकते हैं, उन्हें गले लगा सकते हैं, लेकिन चीन के खिलाफ कुछ नहीं बोल सकते। राहुल के इस ट्वीट पर बीजेपी ने पलटवार किया है और कहा है कि कांग्रेस के राज में भी चीन इसी तरह अड़ंगा लगाता रहा है।


इधर कांग्रेस ने रविशंकर प्रसाद के बयान को सरकार की बौखलाहट बताया है और कहा है कि विपक्ष को सरकार से सवाल पूछने का हक है। सरकार की डिप्लोमेसी नाकाम रही है, उन्हें इसका जवाब देना चाहिए।


वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आज हमारे सहयोगी चैनल सीएनएन- न्यूज 18 से बातचीत में कहा कि भारत की विदेश नीति पूरी तरह से सफल है। चाहे मसला चीन का हो या पाकिस्तान का हो। अरुण जेटली ने अजहर मसूद मामले में यूएन में चीन के विरोध पर सवाल के जवाब में ये बात कही।


इससे पहले कल मसूद अजहर के मुद्दे पर सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान पर बड़ा हमला बोला। सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान को उदार बताने वालों पर भी निशाना साधा और कहा कि अगर पाकिस्तान भारत से बात करना चाहता है तो मसूद अज़हर को भारत को सौंपे।