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Covid-19: मोदी की दीप क्रांति से विपक्ष में अशांति, कोरोना पर सियासत का लॉकडाउन कब!

कांग्रेस ने 21 दिन के लॉकडाउन पर भी सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लॉकडाउन को बिना तैयारी के उठाया गया कदम बताया है।
अपडेटेड Apr 05, 2020 पर 18:10  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना को लेकर एक बार फिर देश की जनता से अपील की है। 5 अप्रैल को घर के दरवाजे या बालकनी में खड़े रहकर ही दीया, मोमबत्ती, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाने की अपील की है। साथ ही ये भी हिदायत दी है कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करें और घर की लक्ष्मण रेखा ना लाघें। लेकिन इस बार प्रधानमंत्री की अपील कांग्रेस को रास नहीं आई। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री को अब गंभीर हो जाना चाहिए। दीया जलाने की अपील करने के बजाए उन्हें कोरोना से लड़ रहे लोगों की मदद करनी चाहिए। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने तो पीएम की अपील का बॉयकॉट कर दिया है।


प्रधानमंत्री की अपील को लेकर बीजेपी ने भी कांग्रेस पर पलटवार किया है। बीजेपी का कहना है कि कोरोना से लड़ने के लिए उठाए गए प्रधानमंत्री के कदमों की दुनियाभर में सराहना हो रही है। लेकिन कांग्रेस निंदा की राजनीति कर रही है।


कांग्रेस ने 21 दिन के लॉकडाउन पर भी सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लॉकडाउन को बिना तैयारी के उठाया गया कदम बताया है।


गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करके सोनिया गांधी के ऊपर कोरोना को लेकर तुच्छ राजनीति करने का आरोप लगाया। बीजेपी के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने भी कांग्रेस शासित राज्यों में लॉकडाउन की याद दिलाकर सोनिया गांधी पर निशाना साधा।


सवाल ये है कि इस वक्त कोरोना से जंग लड़ने की जरूरत है या इस पर राजनीति करने की? क्या लोगों से दीया जलाने की अपील करना प्रधानमंत्री का चुनावी स्टंट है? सोनिया गांधी ने लॉकडाउन को लेकर जो सवाल उठाए हैं क्या उसमें कोई दम है? या फिर प्रवासी मजदूरों का मु्द्दा उठाकर इस पर सिर्फ राजनीति करने की कोशिश हो रही है?


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