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Delhi Violence: हिंसा पर दिल्ली HC के तेवर सख्त, एक्शन में मोदी सरकार- सोनिया ने मांगा इस्तीफा

दिल्ली का उत्तर पूर्वी इलाका आज शांत नजर आ रहा है लेकिन ये शांति आते आते 22 लोगों की जान चली गई है।
अपडेटेड Feb 27, 2020 पर 09:07  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

दिल्ली का उत्तर पूर्वी इलाका आज शांत नजर आ रहा है लेकिन ये शांति आते आते 22 लोगों की जान चली गई है। नागरिकता कानून का विरोध और समर्थन करने वाले गुटों के बीच रविवार, सोमवार और मंगलवार को हुई जोरदार हिंसा के बाद अब उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, ब्रह्मपुरी, बाबरपुर इलाकों में सन्नाटा परसा है। क्योंकि अब यहां पर उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश हैं। हांलाकि कि ये आदेश आते आते भी काफी देर हुई। पिछले तीन दिनों में दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, , बाबरपुर, के अलावा ब्रह्मपुरी, कर्दमपुरी, सुदामापुरी, घोंडा चौक, करावल नगर, मुस्तफाबाद, चांदबाग, नूरे इलाही, भजनपुरा और गोकलपुरी भी हिंसा, पत्थरबाजी और आगजनी का शिकार हुए हैं। अब जबकि इन इलाकों में कर्फ्यू लगा है तो पिछले तीन दिनों में हुई हिंसा की भयावह वारदात अब सामने आ रही है। कई जगहों पर जली हुई गाड़ियों और दुकानों के अवशेष दिखाई दे रहे हैं। चांदबाग इलाके में पत्थरबाजी में एक IB अधिकारी की भी मौत हो गई है। इसके अलावा इस वक्त भी बड़ी तादाद में लोग घायल हैं और अस्पतालों में भर्ती हैं।


दिल्ली की हिंसा पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त तेवर दिखाया है। कोर्ट ने कहा है कि राजधानी में वो 1984 जैसे हालात फिर से दोहराने नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने दिल्ली पुलिस ने हेट स्पीच देने वाले नेताओं के खिलाफ एक्शन लेने को कहा है। कोर्ट ने कहा है कि पुलिस कपिल मिश्रा और प्रवेश वर्मा जैसे नेताओं पर FIR दर्ज करने को लेकर ैसला ले। दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से कहा है कि वो मरीजों के आने जाने की इजाजत दी जाए। इसके अलावा अंतिम संस्कार के लिए जाने वाले लोगों को सेफ पैसेज दें। इसके अलावा पुलिस को राहत कैंप और हेल्पलाइन बनाने को कहा है। राहत कैंप में दवा, खाने पीने का सामान मुहैया कराने को कहा है। अब इस मामले में आगे शुक्रवार को भी सुनवाई होगी। 


दिल्ली में हिंसा को लेकर प्रधानमंत्री चिंतित हैं। आज उन्होंने टॉप आला अधिकारियों के साथ मीटिंग की है। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल को दिल्ली में शांति बहाली की जिम्मेदारी सौंपी है। अजित डोवाल ने कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी को दिल्ली के हालात पर रिपोर्ट सौंपी है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया है कि दिल्ली के हालात पर अभी रिव्यू मीटिंग की है। दिल्ली में शांति बहाली के लिए पुलिस और एजेंसियां काम कर रही हैं। मैं दिल्ली के भाई बहनों से अपील करता हूं कि वो अमन और भाईचारा बनाए रखें।


इधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर गृहमंत्री अमित शाह से सेना की तैनाती की मांग की है। उन्होंने लिखा कि  पुलिस तमाम कोशिशों के बावजूद स्थिति को काबू करने और लोगों को विश्वास में लेने में नाकाम रही है। इसलिए गृह मंत्री से अपील है कि प्रभावित इलाकों में तुरंत सेना की तैनाती करें और कर्फ्यू का दायरा बढ़ाएं।



दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र और दिल्ली सरकार दोनों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है। इधर प्रियंका गांधी ने दिल्ली वालों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने जानकारी दी कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जनता की मदद करने के निर्देश दिए गए हैं।


वहीं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कांग्रेस के आरोपों का पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ऐसे बयानों की वजह से पुलिस के मनोबल पर असर पड़ता है। AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने दिल्ली में हुई हिंसा के लिए गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि ये दंगा केंद्र सरकार की नाकामी को दिखाता है।


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