नहीं रहे डीएमके प्रमुख करुणानिधि, अंतिम संस्कार आज -
Moneycontrol » समाचार » राजनीति

नहीं रहे डीएमके प्रमुख करुणानिधि, अंतिम संस्कार आज

प्रकाशित Wed, 08, 2018 पर 08:33  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

डीएमके प्रमुख एम करूणानिधि का कल शाम 6 बजकर 10 मिनट पर चेन्नई में निधन हो गया। 94 साल के करुणानिधि लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे। पिछले कई दिनों से चेन्नई के कावेरी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। जहां आज शाम मल्टिपल ऑर्गन फेलियर के चलते उनका देहांत हो गया। आज करुणानिधि का अंतिम संस्कार होगा। इसके लिए मरीना बीच पर अंत्येष्टि को लेकर हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है। अंतिम दर्शन के लिए पीएम मोदी भी चेन्नई जाएंगे।


आपको बता दें कि करूणानिधि के निधन के बाद उनके संस्कार  की जगह को लेकर तमिलनाडु में राजनीति शुरू हो गया है और मामला हाईकोर्ट चला गया है। डीएमके नेताओं ने तमिलनाडु के सीएम पलानीसामी पर समाधि के लिए मनचाही जगह ना देने का आरोप लगाकार कावेरी अस्पताल के बाहर तोड़फोड़ और हंगामा किया। डीएमके ने आरोप लगाया कि वो करूणानिधि की समाधि मरीना बीच पर अन्ना मेमोरियल के पास बनवाना चाहते हैं जिस पर पहले तो पलानीसामी ने हामी भर दी थी। लेकिन अभी तक उन्होंने जगह नहीं दी है। इस बीच करुणानिधि के बेटे स्टालिन ने तमिलनाडु के सीएम को पत्र लिखकर मरीना में जमीन देने की मांग की है।


करुणानिधि के निधन की खबर से पूरे तमिलनाडु में शोक की लहर छा गई, अस्पताल में डीएमके समर्थकों का हुजूम जमा हो गया है। करुणानिधि के निधन पर पीएम मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई बड़े नेताओं ने शोक जताया। पीएम मोदी और राहुल गांधी कल करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने चेन्नई जाएंगे। तमिलनाडु सरकार ने करुणानिधि के निधन पर आज छुट्टी का ऐलान किया है। साथ ही 7 दिन के राजकीय शोक का ऐलान भी किया गया है।


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने करुणानिधि के निधन पर दुख जताया। पीएम ने ट्वीटकर पर लिखा दुख की घड़ी में करुणानिधि के परिवार के साथ हैं। उनके निधन से न केवल तमिलनाडु बल्कि पूरे देश को गहरा आघात लगा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी करुणानिधि के निधन पर शोक जताया है। राहुल गांधी ने ट्वीटकर लिखा तमिल लोगों के प्रिय कलइनार 60 साल से ज्यादा वक्त तक तमिल राजनीति के मंच छाए रहे। उनके निधन से भारत ने अपना महान सपूत खो दिया है, मेरी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं।


राष्ट्रपति  रामनाथ कोविंद ने अपने शोक संदेश में कहा कि करुणानिधि के निधन का सुनकर दुख हुआ वो एक सुदृढ़ विरासत छोड़कर जा रहे हैं, जिसकी बराबरी सार्वजनिक जीवन में कम मिलती है। उनके परिवार और लाखों चाहने वालों के प्रति मैं अपनी शोक संवेदना व्यक्त करता हूं।


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि महान नेता करुणानिधि के निधन की खबर सुनकर दुखी हूं, उनकी आत्मा का शांति मिले, उनका निधन देश के लिए बड़ी क्षति है। ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल ने कहा कि आज भारत ने अपने सबसे महान बेटों में से एक को खो दिया साथ ही तमिलनाडु ने एक तरह से अपने पिता को खो दिया। अलविदा करुणानिधि, तमिलनाडु की जनता, एमके स्टालिन, कनिमोझी और परिवार के साथ मेरी गहरी संवेदना हैं। भारत आपको खोने के शोक में डूब गया है। अभिनेता रजनीकांत ने कहा कि ये एक काला दिन है। मैं अपने आर्टिस्ट के दिन को अपने जीवन में कभी नहीं भूल सकता हूं। उनकी आत्मा को शांति मिले।


करुणानिधि का राजनीतिक सफर की बात करें तो वो 5 बार मुख्यमंत्री और 12 बार एमएल रहे। वे जिस भी सीट से चुनाव लड़े हमेशा जीते। एम. करुणानिधि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के प्रमुख थे। वे 1969 में पहली बार तमिलनाडु के सीएम बने। 2003 में आखिरी बार मुख्यमंत्री बने करुणानिधि पटकथा लेखक, कवि, विचारक और अच्छे वक्ता थे।


1924 में थिरुक्कुवालाई गांव में करुणानिधि का जन्म हुआ। करुणानिधि का घर अब म्यूजियम बनाया जाएगा। उन्होंने 14 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़ सियासत का रुख किया। उन्होंने 1937 में हिन्दी विरोधी आंदोलन में शिरकत की। वो तमिल में नाटक, अखबार और फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट लिखने लगे। पेरियार और अन्नादुराई ने उन्हें कुदियारासु का संपादक बनाया। मतभेद के बाद वो अन्नादुराई के साथ जुड़ गए। 1957 में हुए चुनाव में वो पहली बार विधायक बने। 1967 के चुनावों में उनकी पार्टी ने बहुमत हासिल किया। 1972 में उन्होंने एआईएडीएमके पार्टी बनाई। 1999 में करुणानिधि एनडीए में शामिल हुए। बाद में करुणानिधि ने भाजपा का दामन छोड़ दिया। फिर 2004  कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए सरकार का हिस्सा बने। करुणानिधि की तीन शादियों से 4 बेटे और 2 बेटियां हैं। उनकी पहली पत्नी पद्मावती, दूसरी पत्नी दयालु अम्माल और तीसरी पत्नी रजति अम्माल हैं। तीन पत्नियों में से पद्‍मावती का निधन हो चुका है, जबकि दयालु और रजती जीवित हैं।


2001 में करुणानिधि, पूर्व मुख्य सचिव के. ए. नाम्बिआर और अन्य कई लोगों के एक समूह को चेन्नई में फ्लाईओवर बनाने में भष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार। राजीव गांधी की हत्या की जांच करने वाले जस्टिस जैन कमीशन की अंतरिम रिपोर्ट में करुणानिधि पर लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया था। अंतरिम रिपोर्ट में इस बात की सिफारिश की थी कि राजीव गांधी के हत्यारों को बढ़ावा देने के लिए तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री एम.करुणानिधि और डीएमके पार्टी को जिम्मेदार माना जाए।


साल 1970 में पेरिस (फ्रांस) में हुए तृतीय विश्व तमिल सम्मेलन में उन्होंने उद्‍घाटन समारोह में एक विशेष भाषण दिया था। साल 1987 में कुआलालम्पुर (मलेशिया) में हुए छठे विश्व तमिल कॉन्फ्रेंस में भी उन्होंने उद्‍घाटन भाषण दिया था। 2010 में हुई विश्व क्लासिकल तमिल कॉन्फ्रेंस का अधिकृत थीम सांग एम. करुणानिधि ने ही लिखा था, जिसकी धुन एआर रहमान ने तैयार की थी।