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महाराष्ट्र में सरकार बनाने का ड्रामा, कौन किससे कर रहा है वादा खिलाफी!

जो वादा किया है वो निभाना पड़ेगा, सीएम की कुर्सी देना पड़ेगा, ये कहना है शिवसेना का।
अपडेटेड Nov 01, 2019 पर 12:56  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

जो वादा किया है वो निभाना पड़ेगा, सीएम की कुर्सी देना पड़ेगा, ये कहना है शिवसेना का, नए चुने गए MLAs के साथ बैठक के बाद उद्ध्व ठाकरे ने साफ कर दिया है कि बीजेपी को अपना वादा निभाना पड़ेगा, इस बार बड़े भाई की नहीं चलेगी, बीजेपी और शिवसेना के बीच दरार और हित संघर्ष साफ दिखाई दे रहा है, साथ मिलकर चुनाव लड़े, भारी बहुमत से जीतकर आए और अब सत्ता का संघर्ष। इस लड़ाई से कई गहरे सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या शिवसेना को बीजेपी की बढती ताकत से डर लग रहा है और वो अपनी जमीन मजबूत करना चाहती है दूसरी ओर बीजेपी किसी भी कीमत पर अपने विस्तार में लगी है। एक सवाल और भी है कि राजनीति में नैतिकता की बात करना क्या जायज है बीजेपी की सीटें शिवसेना से लगभग दोगुनी हैं फिर भी गठबंधन धर्म के लिए क्या CM की कुर्सी छोड़ दी जाए, आज इसी पर चर्चा करेंगे आवाज अड्डा में लेकिन पहले एक रिपोर्ट।


महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच महाभारत छिड़ गया है। दोनों पार्टियों के नेताओं की तरफ से बयानों के तीर चल रहे हैं। गठबंधन में अपना हाथ ऊपर रखने के लिए शिवसेना अड़ गई है। शिवसेना के विधायक दल की बैठक में उद्धव ठाकरे ने साफ कर दिया कि वो बीजेपी के आगे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री शिवसैनिक बनना चाहिए। शिवसेना ने 50-50 फॉर्मूले को लेकर रुख नरम नहीं किया है। उनकी कांग्रेस-NCP के साथ बातचीत चल रही है। उन्हें सरकार बनाने की कोई जल्दबाजी नहीं है।


शिवसेना के विधायक दल ने राज्यपाल से मिलकर कहानी में नया ट्विस्ट दे दिया था। लेकिन बाद में पत्रकारों से बातचीत में आदित्य ठाकरे ने बताया कि ये मुलाकात बारिश और बाढ़ पीड़ितों की मदद को लेकर थी। इधर सरकार बनाने के लिए दूसरे फॉर्मूलों पर भी विचार चल रहा है। खबर है कि बीजेपी डिप्टी सीएम के साथ-साथ शिवसेना के 14 मंत्री बनाना चाहती है लेकिन शिवसेना 18 मंत्रीपद की मांग पर अड़ी है। इसके अलावा वो शिवसेना महत्वपूर्ण मंत्रालय भी अपने पास रखना चाहती है, जिसके लिए बीजेपी तैयार नहीं है। हालांकि तीखी बयानबाजी के बाद भी देवेंद्र फड़णवीस बीजेपी-शिवसेना सरकार को लेकर कॉन्फिडेंट हैं।


कांग्रेस-NCP पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। दोनों पार्टियों के नेताओं का कहना है कि वो विपक्ष में बैठेंगे। लेकिन बीजेपी-शिवसेना सरकार नहीं बनी तो वो सरकार बनाने के विकल्प पर विचार करेंगे।


महाराष्ट्र के महाभारत में किसकी जीत होगी ये कहना अभी मुश्किल है। लेकिन सवाल ये है कि क्या बीजेपी शिवसेना के आगे झुकेगी? जनता ने बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को सरकार बनाने का जनादेश दिया था। अब दोनों पार्टियां आपस में क्यों झगड़ रही हैं। शिवसेना जिस तरह अड़ियल रवैया अपनाकर सरकार बनाने में अड़ंगा डाल रही है क्या ये वोटरों के साथ वादाखिलाफी नहीं है? चुनाव नतीजे आने के बाद ये सौदेबाजी क्यों? इन्ही सवालों पर यहां हो रही है बड़ी बहस।


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