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पूर्वोत्तर के 3 राज्यों में चुनावी दंगल, जानें हाल

प्रकाशित Sat, 03, 2018 पर 13:02  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

पूर्वोत्तर के तीन राज्य मेघालय, नागालैंड और त्रिपुरा में आज चुनावी दंगल के नतीजे आने वाले हैं। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती 08:00 बजे से ही शुरू हो चुकी है। लगातार रुझान भी आ रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान इस बार बीजेपी के आक्रामक रुख से चुनावी नतीजों में दिलचस्पी बढ़ गई है। एग्जिट पोल की मानें तो इन तीनों राज्यों में इस बार बीजेपी एक बड़ी ताकत के रूप में उभरेगी। त्रिपुरा में 18 फरवरी को मतदान हुआ था, जबकि नागालैंड और मेघालय में 27 फरवरी को वोट डाले गए थे। इन तीन राज्यों में विधानसभा की 60-60 सीटें हैं, लेकिन किसी ना किसी वजह से तीनों राज्यों में 59-59 सीटों पर ही मतदान हो पाया।


मेघालय, त्रिपुरा और नागालैंड में हुए विधानसभा चुनावों से बीजेपी ने बहुत उम्मीदें लगा रखी हैं, लेकिन सबसे ज्यादा इंतजार त्रिपुरा के नतीजों का है। लगातार 25 वर्ष से राज कर रही सीपीएम के लिए यह जमीन बचाने की लड़ाई है तो बीजेपी के लिए शून्य से सत्ता में पहुंचने की लड़ाई है। वहां 1993 से ही मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा की सरकार रही है, लेकिन 2 एग्जिट पोल में इस बार बीजेपी की सरकार बनने का अनुमान लगाया गया है। त्रिपुरा के 60 विधानसभा सीट के लिए हुए चुनाव में 292 उम्मीदवार मैदान में हैं। 2013 के चुनाव में बीजेपी ने त्रिपुरा में 50 उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 49 की जमानत जब्त हो गई थी। मात्र 1.87 फीसदी वोट मिलने के कारण बीजेपी 1 भी सीट नहीं जीत पाई थी, वहीं माकपा को 55 में से 49 सीटें मिली थीं। कांग्रेस 48 सीटों पर लड़ी थी और उसे 10 सीटों से संतोष करना पड़ा था।


60 सदस्य वाली मेघालय विधानसभा की 59 सीटों के लिए मतदान हुआ है। यहां 372 उम्मीदवार मैदान में हैं। सत्तारूढ़ कांग्रेस के अलावा बीजेपी, नेशनल पीपुल्स पार्टी और नवगठित पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट मुकाबले में है। 2013 के चुनाव में बीजेपी ने इस राज्य में 13 उम्मीदवार उतारे थे, मगर कोई जीत न सका था। मतलब मेघालय में भी बीजेपी को शून्य से आगे अपना खाता खोलना है। एनपीपी को भी 32 में से मात्र 2 सीटें मिली थीं।


60 सदस्यों वाली नगालैंड विधानसभा में 59 सीटों पर 193 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनमें से केवल 5 महिलाएं हैं। आंकड़ों के लिहाज से नगालैंड में बाकी के दोनों राज्यों के मुकाबले बीजेपी की हालत बेहतर है। नगालैंड में बीजेपी इस बार नवगठित नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनावी अखाड़े में उतरी है, बीजेपी ने 20 और एनडीपीपी ने 40 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। सी-वोटर के सर्वे में बीजेपी-एनडीपीपी गठबंधन की सरकार बनने के आसार बताए गए हैं।


ताजा अपडेट के मुताबिक पूर्वोत्तर के तीनों राज्यों में बीजेपी की लहर दिखाई दे रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी पूरी तरह आक्रामक मूड में है। त्रिपुरा में लेफ्ट का 25 साल पुराना किला ढहता हुआ दिख रहा है और बीजेपी गठबंधन को 40 से ज्यादा सीटों पर जीत मिलती दिख रही है। वहीं नगालैंड में भी बीजेपी गठबंधन 27 सीटों के साथ सबसे आगे है। वहीं मेघालय में 21 सीटों पर कांग्रेस आगे चल रही है और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।


बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का कहना है कि त्रिपुरा में सीपीएम साफ हो गई है. इसका असर केरल के चुनावों पर भी दिखेगा। त्रिपुरा के नतीजों पर बीजेपी नेता राम माधव ने कहा की पार्टी ने चलो पलटाय का नारा दिया था, जो सफल हुआ। उन्होने कहा कि पार्टी मेघालय में भी सरकार बना लेगी।


राम माधव ने कहा की नागालौंड में भी बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टी सरकार बनाने की स्थिती में आ रही हैं। साथ ही मेघालय में भी गैर कांग्रेसी सरकार बनने के रुझान दिख रहे हैं।


बीजेपी के त्रिपुरा प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद के देवादार विप्लव देव का कहना है कि लोग गरीबी के मुक्ति चाहते हैं और उन्होंने बीजेपी को वोट देकर विकास का रास्ता चुना है।


त्रिपुरा के नतीजों पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता अतुल अंजान ने कहा कि नतीजे जो भी होंगे से स्वीकार करेंगे। एक चुनाव मात्र से पार्टी खत्म नहीं हो जाती। वहीं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत का कहना है कि इस जीत पर बीजेपी को बहुत इतराना नहीं चाहिए। केंद्र में जिसकी सरकार होती है, नॉर्थ इस्ट की जनता उसी ओर देखती है, ऐसा पिछले 40 साल से हो रहा है।