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खबरें चुनाव की: ममता के थप्पड़ को मोदी ने बताया आशिर्वाद

प्रकाशित Thu, 09, 2019 पर 16:29  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

ममता के थप्पड़ को मोदी ने बताया आशिर्वाद


पीएम मोदी ने आज ममता बनर्जी के थप्पड़ वाले बयान का जवाब दिया। बंगाल के पुरुलिया में रैली के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि उनके लिए थप्पड़ भी आशीर्वाद के सामान है।


वहीं थप्पड़ वाले बयान पर पीएम के जवाब के बाद ममता बनर्जी ने भी सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि लोकतंत्र में थप्पड़ का मतलब है जनादेश। ममता बनर्जी ने पुरूलिया की रैली में कहा कि वो थप्पड़ नहीं मारती मिठाई खिलाती हैं।


छुट्टी नहीं, जहाज पर काम से गए थे राजीव


INS विराट को लेकर पीएम के हमले पर राहुल गांधी का जवाब आया है। हरियाणा के सिरसा की रैली के दौरान राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि पीएम राजीव गांधी के बारे में बात करते हैं, लेकिन वो लोगों को राफेल के बारे में भी बताएं। INS विराट पर राजीव गांधी के छुट्टी मनाने वाले आरोप का कांग्रेस ने खंडन किया है और कहा कि छुट्टी नहीं, जहाज पर राजीव काम से गए थे।


विपक्ष पर बरसे नितिन गडकरी


विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री मोदी पर किए निजी हमलों को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। नितिन गडकरी ने कहा कि पीएम को दी गई छप्पन गालियां उनके लिए छप्पन भोग के समान है।


जवान तेज बहादुर को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं


वाराणसी से नामांकन रद्द होने के मामले में BSF के पूर्व जवान तेज बहादुर को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली। कोर्ट ने तेज बहादुर की याचिका पर सुनवाई से मना कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि तेज बहादुर की याचिका को स्वीकार करने की कोई वजह नहीं दिख रही है। 1 मई तक BSF की NOC ना दे पाने की वजह से तेज बहादुर का नामांकन रद्द कर दिया गया था।
 
AAP प्रत्याशी आतिशी प्रेस कॉन्फ्रेंस में रो पड़ी


दिल्ली में तीन दिन बाद चुनाव हैं लेकिन चुनाव से पहले निजी हमले बढ़ गए हैं। पूर्वी दिल्ली से AAP प्रत्याशी अतिशी मर्लेना आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही रो पड़ीं। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के प्रत्याशी गौतम गंभीर एक आपत्तिजनक पैंपलेट उनके बारे में छपवाकर लोगों में बांट रहे हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसको लेकर सीधे BJP पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कभी कल्पना नहीं की थी कि गौतम गंभीर किसी महिला के खिलाफ प्रचार में इतना नीचे तक गिर सकते हैं। अगर ऐसी मानसिकता वालों को लोग वोट देंगे तो फिर महिलाएं कैसे सुरक्षा की उम्मीद कर सकती हैं।