महंगे क्रूड से महंगाई बढ़ने का डर: वित्त मंत्री -
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महंगे क्रूड से महंगाई बढ़ने का डर: वित्त मंत्री

प्रकाशित Mon, 05, 2018 पर 09:38  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नेटवर्क 18 को एक्सक्लूसिव इंटरव्यू दिया है। इसमें वित्त मंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था के साथ साथ देश की राजनीति समेत कई विषयों पर विस्तार से बातचीत की है। नेटवर्क 18 ग्रुप एडिटर राहुल जोशी को दिए इस इंटरव्यू में वित्त मंत्री ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने की अटकलों को खारिज कर दिया।


लोकसभा और विधानसभा चुनाव पर बात करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि सरकार लोकसभा, विधानसभा चुनाव साथ कराने के पक्ष में है। हालांकि सरकार समय से पहले चुनाव कराने के पक्ष में नहीं है। राज्यों के साथ लोकसभा चुनाव की संभावना कम है। संविधान में राज्यों के चुनाव पीछे टालने की अनुमति नहीं है।  संविधान में बदलाव के बिना एक-साथ चुनाव मुमकिन नहीं है।


कच्चे तेल पर बात करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि महंगे होते क्रूड से सरकार की चिंता भी बढ़ी है। कच्चे तेल में तेजी से महंगाई बढ़ने का खतरा है। कच्चा तेल 70 डॉलर तक पहुंच गया है। भारत कच्चा तेल इंपोर्ट करता है। मॉनसून के साथ क्रूड पर भी सरकार की नजर है।


वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घोषित आयुष्मान योजना का रोड मैप पेश करते हुए कहा कि मोदीकेयर को शुरू करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जरूरत पड़ने पर इसके लिए और पैसा दिया जाएगा। इस बजट में अतिरिक्त आय के लिए गुंजाइश छोड़ी गई है। 25 लाख करोड़ में से 10,000 करोड़ निकालना असंभव नहीं है। मोदीकेयर शुरू करने के लिए 2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जरूरत पड़ने पर मोदीकेयर के लिए और फंड देंगे। 1 फीसदी सेस बढ़ाने से सरकार को 11,000 करोड़ और मिलेंगे। उन्होंने ये भी बताया कि एलटीसीजी टैक्स से पहले साल में 20,000 करोड़ मिलने की उम्मीद है।


वहीं दूसरी ओर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जल्द लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने की अटकलों को खारिज कर दिया है। उनहोमने कहा कि सरकार लोकसभा, विधानसभा चुनाव साथ कराने के पक्ष में लेकिन सरकार समय से पहले चुनाव कराने के पक्ष में नहीं है। राज्यों के साथ लोकसभा चुनाव की संभावना कम है। संविधान में राज्यों के चुनाव पीछे टालने की अनुमति नहीं है। संविधान में बदलाव के बिना एक-साथ चुनाव मुमकिन नहीं हैं।


वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राजस्थान उपचुनाव में पार्टी की हार को चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि इस पर राजस्थान के मुख्यमंत्री से बात हुई है। हार की वजह जानने के लिए जांच जारी है। राजस्थान में स्थानीय कारणों की वजह से हार मिली है। वहीं न्यायपालिका में मतभेद पर वित्त मंत्री चिंतित नहीं हैं। उनका मानना है कि ऐसे मतभेद पहली बार नहीं हुए और न्यायपालिका खुद इस मसले को सुलझाने में सक्षम है।


एनडीए में टूट की अटकलों पर भी वित्त मंत्री ने सफाई दी। शिवसेना से सीट बंटवारे को लेकर पहले भी मतभेद था जो अभी तक चलता आ रहा है। शिवसेना के नाराज होने के स्थानीय कारण हैं। पिछले विधानसभा चुनाव शिवसेना से अलग लड़े थे। सीट के बंटवारे को लेकर शिवसेना से मतभेद है। बीजेपी ने अपनी ताकत पर इतनी सीटें जीती हैं।


आंध्र प्रदेश के रीऑर्गनाइजेशन पर काम चल रहा है। आंध्र प्रदेश के रीऑर्गनाइजेशन का बजट से कोई संबंध नहीं है। आंध्र प्रदेश की सरकार से किया वादा निभाया जाएगा। एनडीए का स्वरूप बनाए रखने की इच्छा है।


वित्त मंत्री ने कहा कि 2019 में बीजेपी कई राज्यों में उभरकर आएगी। ओडिशा, पश्चिम बंगाल में बढ़त मिलेगी। उत्तर-पूर्वी राज्यों में बीजेपी की पहुंच बढ़ी है। मोदी सरकार ने देश के लिए काम किया है। पीएम मोदी ने देश को ईमानदार सरकार दी है। अगला चुनाव बीजेपी जरूर जीतेगी।


उधर वित्त मंत्री बेशक जल्द चुनाव की अटकलों को खारिज कर रहे हों लेकिन कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारी में लग गई है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वो नवंबर में चुनाव के लिए तैयार रहें। गुलाम नबी आजाद ने कार्यकर्ताओं से चर्चा करते हुए कहा कि 90 फीसदी संभावना है कि लोकसभा चुनाव इस साल के नवंबर तक हो जाएं। उन्होंने कहा संभावना है कि मोदी सरकार लोकसभा चुनाव, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ चुनावों के साथ ही कर दे। ऐसे में चुनाव के लिए जमीनी स्तर पर काम करने का वक्त आ चुका है।