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लोकसभा चुनाव 2019: अपराधिक छवि के उम्मीदवारों का फिर से रहा बोलबाला

प्रकाशित Tue, 14, 2019 पर 13:24  |  स्रोत : Moneycontrol.com

डेमोक्रेसी यानी लोकतंत्र भी जब अपराध की चपेट में आ जाए तो सिस्टम का झुलसना लाजमी है। हर साल की तरह इस साल के आम चुनाव में भी अपराधिक छवि के प्रत्याशियों का बोलबाला रहा। हर एक पांच प्रत्याशी में से एक प्रत्याशी पर जघन्य अपराध (हीनियस क्राइम) का आरोप है।


तकरीबन 19 फीसदी उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग को दिए हलफनामें में रेप, मर्डर, किडनैपिंग के केस चलने की बात स्वीकार की है। 


एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी के 40 फीसदी, कांग्रेस के 39 फीसदी, बहुजन समाज पार्टी से 15 फीसदी, आम आदमी पार्टी के 21 फीसदी, उम्मीदवारों के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 2019 में अपराधिक छवि के प्रत्याशियों में बढ़ोतरी हुई है। इस साल 7928 उम्मीदवारों में से 1500 उम्मीदवारों के खिलाफ अपराधिक मामले घोषित हुए हैं। यानी साल 2019 में 19 फीसदी अपराधिक छवि के लोग चुनाव मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। साल 2009 में 15 फीसदी और 2014 में 17 फीसदी उम्मीदवार अपराधिक छवि के थे।


एडीआर के संस्थापक जगदीप चोकर ने कहा कि राजनीति में अपराधिक छवि के उम्मीदवारों का अनुपात बढ़ रहा है। वोटर्स और राजनीतिक दलों सहित सबको सोचने की जरूरत है कि अपराधिक मामलों वाले लोगों को टिकट क्यों दिया जाता है।


दुनिया में यह सबसे महंगा चुनाव माना जाता है। इस साल 29 फीसदी करोड़पति उम्मीदवार मैदान में रहे जबकि साल 2014 में 27 फीसदी करोड़पति उम्मीदवार थे। 


फिलहाल लोकतंत्र के इस महापर्व में 90 करोड़ भारतीय वोटिंग कर रहे हैं। 23 मई को इसके नतीजे आ जाएंगे। भारत की एजेंसियों ने 34,00 करोड़ रुपये की नकदी, शराब, ड्रग्स, गोल्ड और अन्य सामान जब्त किए हैं।


कुल मिलाकर करोड़पति उम्मीदवारों की बात हो या फिर अपराधिक छवि के प्रत्याशियों की। इस मामले में न तो बीजेपी पीछे हैं और न ही कांग्रेस।