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खबरें चुनाव कीः सैम पित्रोदा के बयान पर मोदी आक्रामक

प्रकाशित Fri, 10, 2019 पर 16:25  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

रोज नए नए बयानों पर चुनावी सरगर्मी के बीच अब कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा सुर्खियों में हैं। आज खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैम पित्रोदा को निशाने पर लिया। रोहतक की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस अहंकारी है। कल सैम पित्रोदा ने 84 के दंगो पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था कि जो हुआ सो हुआ। इन तीन शब्दों को प्रधानमंत्री ने दंगों को लेकर कांग्रेस की मानसिकता से जोड़ दिया है।


यही नहीं प्रधानमंत्री मोदी इसी बहाने एक बार फिर 1984 के दंगे और उसपर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बयान की याद भी दिला रहे हैं। रैली के बाद प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर 1984 के दंगों के आरोपी नेताओं को इनाम देने का आरोप भी लगाया। दरअसल कल सैम पित्रोदा ने 1984 में हुए सिख दंगों पर एक सवाल के जवाब में ये कहा था कि जो हुआ सो हुआ लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी को बताना चाहिए कि उन्होंने 5 साल में क्या किया है।


अपने बयान के बचाव में उतरे पित्रोदा


बयान पर बवाल होने के बाद खुद सैम पित्रोदा ने ट्वीट कर इसपर सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि BJP तीन शब्दों को तोड़ मरोड़कर तथ्यों के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने 1984 के दंगा पीड़ितों के साथ सहानुभूति जताते हुए कहा है कि राजीव गांधी और राहुल गांधी कभी भी संप्रदाय के आधार पर लोगों को निशाना नहीं बना सकते। इस चुनाव में इन बीती हुई बातों की कोई अहमियत नहीं है। लेकिन मोदी सरकार मुद्दों से भटकाने के लिए इस बात को गलत तरीके से पेश कर रही है।


बीजेपी कार्यकर्ताओं को राहुल के घर के बाहर प्रदर्शन


लेकिन सैम पित्रोदा के बयान को BJP ने मुद्दा बना लिया है। आज BJP कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सैम पित्रोदा के जो हुआ सो हुआ वाले बयान को देश बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रदर्शनकारी ने सैम पित्रोदा के बयान पर राहुल गांधी से माफी की मांग भी कर रहे थे।


प्रियंका ने कसा मोदी पर तंज


कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र में गांवों की सुध नहीं ली। प्रियंका ने चुटकी लेते हुए कहा हैं कि उनके पास पाकिस्तान जाकर बिरयानी खाने के लिए और जापान में ढोल बजाने के लिए फुर्सत है, लेकिन बनारस के गांवों में जाने के लिए टाइम नहीं है।