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370-70 के अंतर से लोकसभा में पास हुआ J&K Reorganisation Bill, अब जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश

इस ऐतिहासिक बिल के पक्ष में 370 सांसदों और विरोध में 70 सांसदों ने वोट किया
अपडेटेड Aug 06, 2019 पर 19:38  |  स्रोत : Moneycontrol.com

मंगलवार को लोकसभा में दिन भर चली बहस के बाद जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों बांटने वाला J&K Reorganisation Bill पास कर दिया गया। इस ऐतिहासिक बिल के पक्ष में 370 सांसदों और विरोध में 70 सांसदों ने वोट किया।


बीजेपी-नीत एनडीए सरकार ने सोमवार को ये बिल राज्यसभा से पास करा लिया था। राज्यसभा में इस बिल के पक्ष में 125 और विरोध में 61 बिल पड़े थे।


इस बिल के पेश हो जाने के बाद अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश बन जाएंगे। जम्मू-कश्मीर में जहां अपनी विधानसभा होगी, वहीं लद्दाख में कोई विधानसभा नहीं होगी।


सरकार के इस कदम का कुछ विपक्षी पार्टियों ने जमकर विरोध किया है। जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के एनडीए सरकार के इस प्रस्ताव का आम आदमी पार्टी, तेलुगु देशम पार्टी, शिवसेना, एआईडीएमके, बहुजन समाज पार्टी, बीजू जनता दल, शिरोमणि अकाली दल, वाईएसआरसीपी ने समर्थन किया। वहीं, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, पीडीपी, जनता दल (यू), राष्ट्रीय जनता दल, नेशनल कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी और डीएमके इसके विरोध में रहे।


गृहमंत्री अमित शाह ने इस प्रस्ताव पर कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक मसला है और जब वो जम्मू-कश्मीर बोल रहे हैं तो उनका मतलब पीओके और अक्साई चिन से भी है।


सरकार के इस फैसले के बाद अब जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाला आर्टिकल 370 अस्तित्व में नहीं रहेगा। अब पूरे देश पर लागू होने वाले सभी कानून जम्मू-कश्मीर पर भी लागू होंगे।


सरकार की योजना जम्मू-कश्मीर में कल्चरल प्रमोशन और इंफ्रास्ट्रचर प्रोजेक्टस के जरिए इकोनॉमिक डेवलपमेंट करने की है।