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क्या आप जानते हैं चुनाव खत्म होते ही NAMO TV क्यों बंद हुआ?

लोकसभा चुनाव के दौरान बेहद गोपनीय तरीके से लॉन्च हुआ NAMO TV चैनल चुनाव खत्म होते ही परदे से भी गायब हो गया है
अपडेटेड May 21, 2019 पर 12:36  |  स्रोत : Moneycontrol.com

लोकसभा चुनाव 2019 का मतदान खत्म हो चुका है। इस बार चुनावों के दौरान एक चैनल ने भी जमकर सुर्खियां बटोरी। लेकिन जिस रहस्यमयी तरीके से आपके घरों में इस चैनल ने दस्तक दी, उसी खामोशी के साथ गायब भी हो गया। हम बात कर रहे हैं NAMO TV की।


लोकसभा चुनाव के दौरान अचानक ही नमो टीवी चैनल सेट टॉप बॉक्स पर आया। ये सभी प्लेटफॉर्म में फ्री चैनल के रूप में दिख रहा था। टाटा स्काई, डिश टीवी, वीडियोकॉन समेत सभी प्लेटफॉर्म पर फ्री में दिखाया जा रहा था। अचनाक से अवतार लिए इस चैनल पर पीएम मोदी के भाषण, उनके इंटरव्यू देखकर सब लोग हैरान थे। इस चैनल पर विवाद होने लगा। चैनल के ऑनर को लेकर विवाद शुरू हो गया।


ये है वजह?


 बीजेपी ने बाद में साफ किया कि नमो टीवी नमो ऐप का ही हिस्सा है। इसका संचालन बीजेपी की IT सेल द्वारा किया जा रहा है। बड़ी खामोशी के साथ ये चैनल 17 मई को बंद हो गया । इस पर बीजेपी के एक नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि नमो टीवी लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा के प्रचार अभियान के लिए लॉन्च किया गया था। चुनाव खत्म होते ही अब इसकी जरूरत नहीं है। इसलिए 17 मई को जब सारा प्रचार खत्म हो गया, तो इसे भी बंद कर दिया गया। हालांकि चैनल जब से लॉन्च हुआ, तब से विवादों में रहा।  NAMO TV चुनाव आयोग के गाइडलाइंस के मुताबिक चल रहा था लिहाजा इसे चुनावों के दौरान जारी रखा गया था।


जब विपक्ष को इस चैनल के बारे में जानकारी हुई तो काफी हंगामा हुआ। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत की और इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया। ऐसे में चुनाव आयोग ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आयोग को बताया कि नमो टीवी एक विज्ञापन आधारित प्लेटफॉर्म है। जो डीटीएच ऑपरेटरों की प्लेटफॉर्म सेवा है। इसका प्रसारण डीटीएच ऑपरेटर्स कर रहे हैं। लिहाजा सरकार से अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग की मंजूरी की जरूरत नहीं है।
चुनाव आयोग ने बाद में निर्देश देते हुए कहा कि सभी चरणों के चुनाव होने के 48 घंटे पहले चैनल बंद करना होगा। नमो टीवी पर दिखाए गए प्रोग्राम और विज्ञापनों पर होने वाले सभी खर्चों की पहचान की जानी चाहिए साथ ही इसका उम्मीदवार या राजनीतिक दल के खाते में जोड़ा जाना चाहिए। 



कुल मिलाकर विवादों के साथ शुरु हुआ नमो टीवी अचानक सेट बॉक्स से 17 मई को लापता हो गया।