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RCEP पर भारत के हस्ताक्षर नहीं करने पर, चिंदबरम ने बताई ये वजह

पूर्व केंद्रीय होम और फाइनेंस मिनिस्टर पी चिदंबरम ने कहा है कि साल 2012 और साल 2019 में हस्ताक्षर नहीं करना दोनों सही है।
अपडेटेड Nov 07, 2019 पर 17:57  |  स्रोत : Moneycontrol.com

INX मीडिया मामले में गिरफ्तार और तिहाड़ जेल में बंद पूर्व गृह और वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने RCEP को लेकर एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने भारत के नहीं शामिल होने को सही ठहराया है।


चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा है साल 2012 में RCEP  देशों के साथ नहीं जुड़ने का फैसला UPA सरकार का सही था। इसी तरह साल 2019 में मोदी सरकार का फैसला भी इस मामले में सही है। साल 2019 में RCEP समझौते पर सरकार को रोकने और हस्ताक्षर नहीं करने की कांग्रेस की सलाह भी सही है।


RCEP देशों के साथ बातचीत नहीं करने का फैसला और साल 2019 में मोदी सरकार हस्ताक्षर नहीं करना दोनों सही है। हालांकि दोनों समय के बीच फर्क सिर्फ अर्थव्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर है। कुल मिलाकर चिदंबरम ने RCEP के बहाने सरकार की अर्थव्यवस्था पर निशाना साधा है।


बता दें कि भारत ने कहा था कि RCEP समझौते में शामिल नहीं होगा क्योंकि बातचीत उसके मसलों और चिंताओं को समाधान करने में नाकाम रही है।
ये ट्वीट पी चिदंबरम के परिवार ने किया है।


चिदंबरम ने अपने UPA कार्यकाल के दौरान अर्थव्यवस्था की हालत को बेहतर बताया है। उन्होंने कहा कि किसानों, छोटे और बड़े उद्योगों के हित में ध्यान रखकर विपक्ष ने सरकार का विरोध किया था। जिससे BJP सरकार को अपने फैसले वापस लेने पड़े।


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