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ED को चिदंबरम की कस्टडी नहीं मिली, 14 नवंबर तक तिहाड़ में रहेंगे

ED ने सिर्फ एक दिन की कस्टडी मांगी थी लेकिन स्पेशल कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया
अपडेटेड Oct 31, 2019 पर 08:45  |  स्रोत : Moneycontrol.com

दिल्ली की एक कोर्ट ने पूर्व केंद्रीय फाइनेंस मिनिस्टर पी चिदंबरम को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। INX मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चिदंबरम ED की हिरासत में रहेंगे। यानी अगले 14 दिनों तक चिदंबरम को तिहाड़ जेल में ही रहना होगा।


हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, कोर्ट ने 30 अक्टूबर को चिदंबरम को ED की न्यायिक हिरासत में भेजा था। हालांकि सुनवाई के दौरान ED सिर्फ एक दिन की कस्टडी चाहता था लेकिन कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया।


इससे पहले चिदंबरम ने खराब सेहत के आधार पर अंतरिम जमानत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। चिदंबरम की तरफ से पैरवी करने वाले वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ से इस मामले में तुरंत सुनवाई की मांग की। पीठ ने गुरुवार को सुनवाई के लिए लिस्ट किया है।


चिदंबरम ने एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी (AIG)-हैदराबाद में अपने डॉक्टर से जांच कराने के लिए 6 दिनों की अंतरिम राहत मांगी है।


चिदंबरम का दावा है कि उन्हें क्रोहन रोग के कारण पांच अक्टूबर से लगातार तेज पेट दर्द हो रहा है जिसके लिए उन्हें ‘‘तुरंत’’ की जरूरत है। उन्हें 2017 में क्रोहन रोग होने का पता चला था जिसमें आंतों में सूजन आ जाती है जिससे पेट में दर्द, दस्त और वजन कम हो जाता है।


उनकी जमानत याचिका के अनुसार, सात अक्टूबर को उनकी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जांच की गई और उन्हें एंटीबायोटिक और दर्द खत्म करने की दवाएं दी गई जिसके बाद उनका पेट दर्द कम है।


याचिका में कहा गया है कि इसके बाद 22 अक्टूबर को उन्हें फिर से दर्द हुआ और 23 अक्टूबर को AIIMS में इलाज किया गया। इसके बाद उन्हें नई दवाएं दी गईं लेकिन उन्हें दर्द से राहत नहीं मिली।


फिर 24 और 26 अक्टूबर को दोबारा उनकी जांच की गई और 28 अक्टूबर को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में टेस्ट किए गए।


याचिका में कहा गया है कि मेडिकल टेस्ट के बाद चिदंबरम को अगले 16 हफ्तों के लिए स्टेरॉयड इलाज के लिए कहा गया। लेकिन AIIMS के इलाज से उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं आ रहा था तो उन्हें AIG में अपने नियमित डॉक्टर से इलाज कराने की अनुमति दी जाए।


इसमें कहा गया है कि उनकी मेडिकल रिपोर्ट को ई-मेल के जरिए उनके डॉक्टर के पास भेजा गया और डॉक्टर ने बताया कि सूजन बढ़ गयी है तथा चिदंबरम को जीवाणु रहित माहौल में इलाज की फौरन जरूरत है।


अर्जी में कहा गया है कि इस बीमारी के चलते उनका वजन 73.5 किलोग्राम से घटकर 66 किग्रा हो गया है।


चिदंबरम ने INX मीडिया ब्लैकमनी मामले में अपनी मुख्य जमानत याचिका के जरिए ही अंतरिम राहत की याचिका दायर की। इस मामले में वह अभी ED की हिरासत में हैं।


नियमित जमानत की उनकी अर्जी पर 4 नवंबर को सुनवाई होनी है। CBI ने INX मीडिया भ्रष्टाचार मामले में 21 अगस्त को उन्हें गिरफ्तार किया था।


यह मामला 15 मई 2017 को दर्ज किया गया। 2007 में चिदंबरम के वित्त मंत्री रहते हुए INX Media को 305 करोड़ रुपए का फॉरेन फंड हासिल करने में FIPB की मंजूरी देने में अनियमितताओं से जुड़ा है।


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