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गुजरात दंगे की पीड़िता बिलकिस बानो को राज्य सरकार दो हफ्ते में 50 लाख मुआवजा दे: SC

राज्य सरकार चाहती थी कि सुप्रीम कोर्ट दोबारा अपने फैसले पर विचार करे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस बात से इनकार कर दिया
अपडेटेड Sep 30, 2019 पर 16:58  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गुजरात सरकार को आदेश दिया है कि वह बिलकिस बानो को 50 लाख रुपए का मुआवजा दे। बिलकिस बानो 2002 के गुजरात दंगे की रेप पीड़िता हैं। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अगले दो हफ्ते के भीतर मुआवजे की रकम देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस केस पर दोबारा विचार करने से भी इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगो की अध्यक्षता वाली बेंच ने गुजरात सरकार को निर्देश दिया है कि अगले दो हफ्तों में बिलकिस बानो को मुआवजे की रकम के साथ नौकरी और रहने का इंतजाम किया जाए।


राज्य सरकार की तरफ से इस मामले की पैरवी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता कर रहे थे। उन्होंने बेंच के सामने यह याचिका दायर की थी कि सुप्रीम कोर्ट अप्रैल के अपने फैसले पर दोबारा विचार करे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इससे इनकार कर दिया।


बिलकिस बानो की याचिका के खिलाफ मेहता की दलील थी कि आदेश का पालन नहीं किया जा सकता क्योंकि गुजरात सरकार चाहती है कि कोर्ट इस मामले पर दोबारा विचार करे।


इस पर चीफ जस्टिस गोगोई ने साफ किया कि इस मामले की स्थिति और खास तथ्यों को देखते हुए बिलकिस बानो को मुआवजा, नौकरी और रहने का इंतजाम करने को कहा गया है। कोर्ट ने कहा, "हम यह साफ करते हैं कि यह आदेश केस के खास तथ्यों को देखते हुए दिया गया है और ऐसी कोई मिसाल नहीं है। अब आपको अगले दो हफ्तों में मुआवजा देना होगा। हम आपको दो हफ्ते का वक्त दे रहे हैं, हालांकि आपको इतने वक्त की भी जरूरत नहीं है।" 


क्या था अप्रैल 2019 में कोर्ट का फैसला?


सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल में यह फैसला दिया था कि राज्य सरकार बिलकिस बानो को मुआवजा दे। साथ ही उनके रहने का इंतजाम करे और नौकरी दे। तब कोर्ट ने कहा था कि हालांकि राज्य सरकार ने अपराधियों को सजा दे दी थी लेकिन पीड़िता की जिंदगी बर्बाद हो गई थी।


कोर्ट ने कहा था, बिलकिस बानों का ना सिर्फ 22 बार रेप हुआ बल्कि उनकी 3.2 साल की बेटी की हत्या कर दी गई। यहां तक कि अभी तक याचिकाकर्ता घुमंतु जीवन बिता रही थी और NGO की चैरिटी पर जी रही थी। याचिकाकर्ता अब 40 साल की है और बहुत पढ़ी लिखी नहीं हैं। वह अपना पूरा परिवार खो चुकी हैं। 


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