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अकबरुद्दीन के बयान पर सियासी संग्राम, CAA पर धार्मिक ध्रुवीकरण से BJP को फायदा!

AIMIM के नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी के इस विवादित बयान पर नया बवाल खड़ा हो गया है।
अपडेटेड Jan 23, 2020 पर 13:15  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

AIMIM के नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी के इस विवादित बयान पर नया बवाल खड़ा हो गया है। नागरिकता कानून के खिलाफ केंद्र सरकार का विरोध करते हुए उन्होंने इस आंदोलन को हिंदू बनाम मुसलमान बनाने की कोशिश की है। वो अपने लोगों से कह रहे हैं कि वो पहचान पत्र ना दिखाएं। उनकी पहचान चारमीनार है। बीजेपी ने अकबरुद्दीन के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उनकी मानसिकता पर सवाल उठा दिए हैं।


राष्ट्रीय जनता दल को भी अकबरुद्दीन का बयान रास नहीं आया। आरजेडी नेता मनोज झा ने अकबरुद्दीन और बीजेपी की जुबान को एक जैसा बता दिया है।


हाल ही में कांग्रेस के नेता अशोक चव्हाण ने भी ऐसा बयान दिया जिससे पार्टी के ऊपर मुसलमानों के तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लग रहा है।


उधर सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता कानून पर फिलहाल रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने इस मामले को 5 जजों की संविधान पीठ के पास भेज दिया है। नागरिकता कानून के खिलाफ करीब 140 याचिकाएं दायर की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को 4 हफ्ते में जवाब देने को कहा है।


सवाल है कि क्या अकबरुद्दीन ओवैसी जानबूझकर मुसलमानों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं? या जाने अनजाने वो उन हिंदुओं को भी इस आंदोलन से दूर कर रहे हैं जो इसे समानता और बराबरी के हक की लड़ाई के तौर पर देख रहे हैं, हिंदू मुसलमान के टकराव के रूप में नहीं। और क्या नागरिकता कानून से धार्मिक ध्रुवीकरण और तेज हो जाएगा? 


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