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Rajasthan: कैबिनेट में 10 अगस्त को फेरबदल की संभावना, सचिन पायलट के वफादारों को मिल सकते हैं अहम पद

इसी कड़ी में मंगलवार शाम को कांग्रेस नेता सचिन पायलट (Sachin Pilot) भी दिल्ली पहुंचे थे
अपडेटेड Jul 28, 2021 पर 16:16  |  स्रोत : Moneycontrol.com

राजस्थान (Rajasthan) में पिछले काफी समय से मंत्रिमंडल फेरबदल (Cabinet Reshuffle) की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसी कड़ी में खबर आई है कि अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के मंत्रिमंडल में 10 अगस्त को फेरबदल हो सकता है। इंडिया टुडे ने इस मामले की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता के हवाले से ये जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, "हम सरकार से लेकर स्थानीय निकायों और संगठन तक पार्टी के पूर्ण सुधार पर काम कर रहे हैं। अगर योजना के अनुसार सब कुछ ठीक रहा, तो राजस्थान मंत्रिमंडल का विस्तार 10 अगस्त तक हो सकता है।"


वहीं मंगलवार शाम राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सचिन पायलट (Sachin Pilot) भी दिल्ली पहुंचे और पार्टी के प्रदेश प्रभारी अजय माकन के साथ बंद कमरे में एक बैठक की।


पायलट का अचानक दिल्ली दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में कैबिनेट फेरबदल की चर्चा है, जिसमें सचिन पायलट के कुछ वफादारों के शामिल होने की भी संभावना है।


राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुटों के बीच समझौते के तौर-तरीकों पर काम करने के लिए बुधवार को अजय माकन के एक हफ्ते में दूसरी बार जयपुर जाने की भी संभावना है।


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सचिन पायलट और उनके प्रति निष्ठा रखने वाले विधायकों के अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत करने के एक साल बाद कांग्रेस आलाकमान को शांति बहाल होने की उम्मीद है।


संघर्ष विराम के इस फार्मूले के अनुसार, पायलट के गुट के विधायकों को राजस्थान मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा, उनके समर्थकों को कुछ स्थानीय निकायों में प्रमुख पद दिए जाएंगे और विद्रोही नेताओं के करीबी सहयोगी जिला कांग्रेस की कुछ समितियों का नेतृत्व भी कर सकते हैं।


सूत्रों ने कहा कि फेरबदल में कुछ निर्दलीय और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं, जिन्हें पिछले साल जुलाई में पायलट गुट के विद्रोह के बाद सरकार बचाने के लिए इनाम दिया जाएगा, ताकि वे अशोक गहलोत को सरकार चलाने में आगे भी समर्थन देते रहें।


हालांकि, खुद सचिन पायलट को पार्टी आलाकमान की तरफ से शांत कराने के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से बताया गया, "सचिन पायलट पर फैसला कांग्रेस अध्यक्ष को करना है। वह उचित समय पर फैसला करेंगी।" सचिन पायलट को महासचिव के पद पर प्रमोट किया जा सकता है। उन्हें गुजरात की जिम्मेदारी दिए जाने की भी उम्मीद है।


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