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Rajasthan Political Crisis: BJP का दामन नहीं थामेंगे सचिन पायलट, इस नाम से बना सकते हैं नई पार्टी

सचिन पायलट ने कांग्रेस के आलाकमान को बता दिया है कि वो गहलोत के अधीन काम नहीं कर पाएंगे
अपडेटेड Jul 14, 2020 पर 09:32  |  स्रोत : Moneycontrol.com

राजस्थान में जारी सियासी घमासान (Rajasthan Political Crisis) हर पल नया मोड़ ले रहा है। इस बीच तमाम अटकलबाजियों पर विराम लगाते हुए डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने साफ कर दिया कि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल नहीं होंगे। हालांकि, ऐसी चर्चा है कि पायलट कांग्रेस छोड़कर अपनी अलग पार्टी बना सकते हैं, जिसका नाम प्रगतिशील कांग्रेस हो सकता है। सूत्रों ने News18 को बताया कि पार्टी के गठन की औपचारिक घोषणा सोमवार को कांग्रेस विधायक दल के बाद की जाएगी।


अशोक गहलोत के साथ काम नहीं करना चाहते पायलट


सूत्रों ने कहा कि पायलट ने कांग्रेस हाईकमान को अवगत करा दिया है कि वह अशोक गहलोत के अधीन काम नहीं कर पाएंगे। बता दें कि सचिन पायलट कल दिल्ली पहुंचे थे। उसी के बाद से कहा जा रहा है कि राजस्थान सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सूत्रों ने दावा किया था सचिन पायलट (Sachin Pilot) के पास कई विधायकों का समर्थन है और वह बीजेपी नेताओं के संपर्क में हैं। इसके बाद से ही कयासों का दौर तेज हो चला था।


पीएल पुनिया ने पायलट को बता दिया BJP नेता


सोमवार सुबह, इस पूरे मामले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया ने कहा था कि अब सचिन पायलट बीजेपी में हैं और बीजेपी का कांग्रेस के प्रति जो रुख रहता है वो सबको पता है। पुनिया छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी भी हैं। हालांकि कुछ ही देर बाद पुनिया ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि वो ऐसा ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए कह रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाता है।


अशोक गहलोत ने 107 विधायक जुटा दिखाई ताकत


राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बनाम डिप्टी सीएम सचिन पायलट की लड़ाई में फिलहाल गहलोत का पलड़ा भारी दिख रहा है। गहलोत ने सचिन पायलट के दावों का मुकाबला करते हुए सोमवार को जयपुर में अपने निवास पर शक्ति प्रदर्शन किया, जिसमे पायलट द्वारा कहा गया था कि अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में है। जयपुर स्थित अशोक गहलोत के निवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इस दौरान 107 विधायक इस बैठक में शामिल हुए हैं।


सरकार में बने रहने के लिए अशोक गहलोत को 101 विधायकों का समर्थन चाहिए। राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के यह दावा करने के एक दिन बाद कि राज्य में अशोक गहलोत सरकार कुछ विधायकों के उनके साथ जाने के बाद अल्पमत सरकार में बदल गई है, मुख्यमंत्री गहलोत ने सोमवार को विधायक दल की बैठक में ताकत दिखाई और मीडिया के सामने लगभग 107 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया। गहलोत ने मीडिया के सामने सभी विधायकों की परेड करवाई।


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