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मुंबई के लिए अलग से घोषित होना चाहिए राहत पैकेजः संजय राउत

राउत ने कहा कि प्रधान मंत्री मोदी ने देश में श्रमिकों, किसानों, छोटे और मध्यम उद्यमों को राहत देने की कोशिश की है। अभी आलोचना करना उचित नहीं है क्योंकि कोरोना की वजह से देश बड़ी मुसीबत में है। ऐसे समय में पूरे देश को प्रधानमंत्री के साथ खड़ा होना चाहिए।
अपडेटेड May 14, 2020 पर 14:13  |  स्रोत : Moneycontrol.com

महाराष्ट्र के शिवसेना नेता संजय राउत ने देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के लिए अलग पैकेज की मांग की है। उनका कहना है कि देश की तिजोरी में करीब 20 से 25 प्रतिशत राजस्व से मुंबई की झोली से जाता है इसलिए मुंबई को अलग से वित्तीय पैकेज मिलना चाहिए। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किये गये 20 लाख करोड़ के पैकेज की सराहना की है और कहा है कि इस पैकेज की इस समय देश को बड़ी आवश्यकता थी।


महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक राउत ने कहा कि प्रधान मंत्री मोदी ने देश में श्रमिकों, किसानों, छोटे और मध्यम उद्यमों को राहत देने की कोशिश की है। अभी आलोचना करना उचित नहीं है क्योंकि कोरोना की वजह से देश बड़ी मुसीबत में है। ऐसे समय में पूरे देश को प्रधानमंत्री के साथ खड़ा होना चाहिए।


संजय राउत ने कहा कि लाखों मजदूर मुंबई से पलायन कर चुके हैं। वह अपने गृह राज्य के लिए रवाना हो गए हैं क्योंकि मुंबई में उनका पेट नहीं भर रहा है। मुंबई जैसे शहरों के महत्व को बनाए रखने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को मुंबई के लिए एक अलग आर्थिक पैकेज देना चाहिए क्योंकि देश और दुनिया को बनाए रखने के लिए मुंबई का आर्थिक महत्व महत्वपूर्ण है। मुंबई से 20 से 25 फीसदी राजस्व देश के खजाने में जमा किया जाता है। इसलिए न केवल मुंबई के लिए बल्कि मुंबई जैसे शहरों के लिए भी वित्तीय पैकेज प्रदान करना आवश्यक है।


बता दें कि मंगलवार की रात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की थी। ये पैकेज भारत की GDP का करीब-करीब 10 प्रतिशत है। इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को, 20 लाख करोड़ रुपए का सपोर्ट मिलेगा। उन्होंने कहा था कि 20 लाख करोड़ रुपए का ये पैकेज, 2020 में देश की विकास यात्रा को आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा।


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