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देशद्रोह में बदला CAA के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, शरजील जैसे लोगों को किसकी शह?

कोई भड़काऊ भाषण देकर मुसलमानों को उकसा रहा है तो किसी को सरकार और सुप्रीम कोर्ट पर ही भरोसा नहीं रहा।
अपडेटेड Jan 28, 2020 पर 11:50  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहे विरोध की ये नई तस्वीरें हैं। कोई भड़काऊ भाषण देकर मुसलमानों को उकसा रहा है तो किसी को सरकार और सुप्रीम कोर्ट पर ही भरोसा नहीं रहा। CAA का विरोध करते करते इनकी जुबान इतनी जहरीली हो गई है कि JNU का छात्र शरजील इमाम देश को तोड़ने और मुसलमानों को शहरों में चक्का जाम करने के लिए उकसा रहा है।


बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने शरजील के अलावा एक महिला का भी वीडियो ट्वीट किया जिसमें वो कह रही है कि उसे ना तो सरकार पर भरोसा रहा और ना ही सुप्रीम कोर्ट पर।


शरजील इमाम के विवादित बयान के बाद दिल्ली, असम, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में देशद्रोह का केस दर्ज हो गया है। पुलिस फरार शरजील को ढूंढ रही है। लेकिन इसके भड़काऊ बयानों ने दिल्ली के चुनावी माहौल को गरमा दिया है। गृह मंत्री अमित शाह ने टुकड़े-टुकड़े गैंग को लेकर केजरीवाल और कांग्रेस के ऊपर निशाना साध दिया है। सरकार भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी कह रही है। उत्तेजना का आलम ये है कि अब बात गद्दारों को गोली मारने तक आ गई है।


कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी अपने फायदे के लिए बंटवारे की राजनीति कर रही है। यहां तक कि भड़काऊ बयानों के पीछे भी बीजेपी का हाथ है।


सवाल ये है कि क्या नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन अब देशद्रोह की शक्ल ले रहा है? शरजील इमाम जैसे लोग किसकी शह पर देश को बांटने की बात कर रहे हैं? या ऐसे भड़काऊ बयान से CAA की लड़ाई सिर्फ मुसलमानों की लड़ाई बनकर रह जाएगी? अगर चंद प्रदर्शनकारियों को सुप्रीम कोर्ट पर भी भरोसा नहीं है तो क्या वो खुद को मेनस्ट्रीम से अलग तो नहीं कर रहे हैं? या नागरिकता कानून सिर्फ बहाना है, विरोध करने वालों का गुबार पुराना है।