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किसान बिल पर बवाल जारी, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सरकार को घेरा

किसान बिल पर बवाल जारी है, उधर सरकार तीनों कृषि सुधार विधेयकों को कल राज्यसभा में पास कराने की कोशिश में है।
अपडेटेड Sep 20, 2020 पर 15:40  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

किसान बिल पर बवाल जारी है, उधर सरकार तीनों कृषि सुधार विधेयकों को कल राज्यसभा में पास कराने की कोशिश में है। वहीं, विपक्ष भी लामबंद हो रहा है। कांग्रेस नेता पी चिंदबरम ने सरकार पर कॉरपोरेट के सामने घुटने टेकने का आरोप लगाया है।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कृषि संबंधी विधेयकों के खिलाफ सभी विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होने BJP पर आरोप लगाया है कि वो कांग्रेस के घोषणापत्र में किसानों से किए वादों को तोड़मरोड़ कर पेश कर रही है। साथ ही उन्होने ने सरकार पर कॉरपोरेट के सामने घुटने टेकने का भी आरोप लगाया है।


उन्होंने आज कहा कि हर पार्टी को स्पष्ट करना चाहिए कि वह किसानों के साथ है या फिर कृषकों की जीविका को खतरे में डाल रही भाजपा के साथ है । उन्होंने यह दावा भी किया कि 2019 के लोकसभा चुनाव से जुड़े कांग्रेस के घोषणापत्र में किसानों से किए वादों को भाजपा तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है, जबकि इस सरकार ने काॉरपोरेट के समक्ष समर्पण कर दिया है।


पूर्व वित्त मंत्री ने अपने  एक बयान में कहा है कि भाजपा अपने खुद के बनाए हुए जाल में फंस गई है। दशकों तक यह व्यापारियों के वर्चस्व वाली पार्टी रही और अब भी है। वस्तुओं और सेवाओं के अभाव वाली अर्थव्यवस्था का इनके द्वारा दोहन किया गया। इंदिरा गांधी द्वारा हरित क्रांति लाने और पीवी नरसिंह राव एवं मनमोहन सिंह द्वारा शुरू किए गए उदारीकरण के बाद हालात बदलने लगे।


चिदंबरम के मुताबिक, आज हमारे यहां गेहूं और चावल जैसी उपज अधिक मात्रा में पैदा हो रही हैं। किसानों की ताकत की बुनियाद पर कांग्रेस की सरकारों ने खाद्य सुरक्षा प्रणाली बनाई जिसके बाद 2013 में खाद्य सुरक्षा कानून बना। हमारी खाद्य सुरक्षा प्रणाली के तीन स्तंभ- न्यूनतम समर्थन मूल्य, सरकारी खरीद और सार्वजनिक वितरण व्यवस्था हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया,  कि कांग्रेस ने 2019 में इन्हीं बुनियादी सिद्धांत के आधार पर घोषणापत्र तैयार किया था। प्रधानमंत्री और भाजपा के प्रवक्ता ने कांग्रेस के घोषणापत्र को जानबूझकर तोड़-मरोड़कर पेश किया है।


उधर किसान बिल पर सरकार अडिग है। कल किसानों से जुड़े तीनों बिल राज्यसभा में पेश होंगे। सरकार इसके लिए दूसरे दलों का समर्थन जुटाने में लगी है। उधर कांग्रेस की विपक्ष को लामबंद करने की कोशिश में है। TMC ने इसे सेलेक्ट कमिटी के पास भेजने की मांग की है। बता दें कि राज्यसभा में सरकार को बहुमत नहीं है।  SAD ने बिल के खिलाफ वोट पर व्हिप जारी किया है। सरकार को राज्यसभा में ये बिल पास कराने के लिए BJD, AIADMK, TMC जैसी पार्टियों के समर्थन की जरूरत होगी।


आज संसद में खास क्या है इस पर नजदर डालें तो राज्यसभा से Insolvency and Bankruptcy Code में बदलाव पास हो गया है। कोरोना से प्रभावित इंडस्ट्री को दिवालिया कानून से राहत  मिली है। आज ही लोकसभा में लेबर रिफॉर्म से जुड़े तीन बिल भी पेश होंगे। इसमें इंडस्ट्रियल रिलेशन, सोशल सिक्योरिटी कोड भी शामिल है।




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