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LS में इस कांग्रेस नेता के बयान पर नाराज सोनिया, पार्टी के इन दो नेताओं ने बढ़ाई मुश्किल

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और मनीष तिवारी ने कुछ बयान दिए, जिनपर बीजेपी ने उन्हें घेर लिया
अपडेटेड Aug 06, 2019 पर 14:24  |  स्रोत : Moneycontrol.com

लोकसभा में जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने और राज्य को दो हिस्सों में बांटे जाने को लेकर हो रही बहस के दौरान कांग्रेस के दो नेताओं ने पार्टी के लिए मुश्किल स्थिति पैदा कर दी।


कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा में बिल पर सरकार के सामने जोरदार बहस रखी, लेकिन इस दौरान कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और मनीष तिवारी ने कुछ बयान दिए, जिनपर बीजेपी ने उन्हें घेर लिया। अधीर रंजन चौधरी के बयान पर तो सोनिया गांधी नाराज तक हो गईं।


अधीर रंजन चौधरी ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा कैसे है? उन्होंने कहा कि 1948 से ही इस मामले को UN देख रहा है, तो क्या यह आंतरिक मामला है? हमने शिमला अग्रीमेंट और लाहौर डेक्लेरेशन पर हस्ताक्षर किए हैं, ये एकतरफा पक्ष है या द्विपक्षीय?


चौधरी के इस बयान पर सोनिया गांधी नाराज हैं। चौधरी के बयान के दौरान ही उनके बगल में बैठी सोनिया नाराज दिखाई दीं।


वहीं, उधर मनीष तिवारी ने सरकार के फैसले पर सवाल उठाने के दौरान कह दिया कि पंडित जवाहरलाल नेहरु ने जम्मू-कश्मीर को भारत में मिलाया था। इसपर सरदार पटेल को अपने आदर्शों में से एक आदर्श की तरह स्थापित करने की कोशिश में लगी बीजेपी को उसके खिलाफ हमला करने का एक और मौका मिल गया।


इसके इतर मनीष तिवारी ने कहा कि भारतीय संविधान में  बस आर्टिकल 370 ही नहीं, आर्टिकल 371 A to I भी है, जिसके तहत नागालैंड, असम, मणिपुर, आंध्र प्रदेश और सिक्किम को विशेष अधिकार मिले हुए हैं। आज जब आप आर्टिकल 370 हटा रहे हैं तो आप इन पूर्वोत्तर राज्यों को क्या मैसेज भेज रहे हैं?


तिवारी ने पूछा कि क्या आप इन राज्यों को ये संदेश दे रहे हैं कि आप कल को आर्टिकल 371 हटा देंगे? क्या आप इन राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाकर और इनकी विधानसभा की शक्तियों का संसद में उपयोग करके यहां से आर्टिकल 371 हटा देंगे? आप किस तरह का संवैधानिक उदाहरण स्थापित कर रहे हैं?