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SC-ST Act पर SC के फैसले के बाद BJP-कांग्रेस पर भड़कीं मायावती- कहा 'दलित प्रेम' की पोल खुली

अब दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार के मामलों में अब पहले सात दिनों के अंदर प्राथमिक जांच की अनिवार्यता नहीं होगी
अपडेटेड Oct 03, 2019 पर 08:20  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को SC-ST (Prevention ofAtrocities) Act के सख्त कानूनों को बरकरार रखने का फैसला दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद अब दलितों और आदिवासियों के खिलाफ अत्याचार के मामलों में अब पहले सात दिनों के अंदर प्राथमिक जांच की अनिवार्यता नहीं होगी। कोर्ट ने यह पुराना एक्ट रीस्टोर कर दिया है। कोर्ट ने कहा था कि नई गाइडलाइंस संविधान में कमजोर वर्ग की सुरक्षा के सिद्धांतों के खिलाफ थीं।


इसपर बुधवार को बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने एक ट्वीट कर कहा कि कोर्ट का यह फैसला दलितों के जीवन की सच्चाई बताता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले से कांग्रेस और बीजेपी के दलित प्रेम की पोल खुल गई है।


उन्होंने कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए एक ट्वीट किया- "माननीय उच्चतम न्यायालय ने SC/ST ACT 1989 के प्रावधानों को पुनः बहाल करते हुए कल अपने फैसले में दलित समाज के जीवन की कड़वी वास्तविकताओं और संघर्षों के संबंध में जो तथ्य सत्यापित किए हैं, वे खासकर सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस के दलित प्रेम की पोल खोलते हैं."


इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की स्कूली शिक्षा मामले में खराब रैंक आने पर भी दोनों पार्टियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि देश और राज्य में सबसे ज्यादा राज्य करने वाली पार्टियां क्या आज गांधी जयंती के मौके पर यह बताएंगी कि देश में इतनी बदहाली क्यों है?


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