Moneycontrol » समाचार » राजनीति

PM मोदी को क्लीन चिट, चुनाव आयुक्त अशोक लवासा नाराज

प्रकाशित Sat, 18, 2019 पर 14:13  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

चुनाव आयोग की साख एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एक तरफ विपक्ष लगातार पक्षपात का आरोप लगा है तो दूसरी तरफ अब आयोग के फैसलों पर अंदरूनी मतभेद सामने आने लगे हैं। PM को क्लीन चिट दिए जाने के मामले पर नाराजगी जताते हुए चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने आयोग की मीटिंग में शामिल होने से इनकार कर दिया है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि इस मामले में उन्होंने आयोग को एक चिट्ठी भी लिखी है। अशोक लावासा का कहना है कि मीटिंग में उनकी राय रिकॉर्ड नहीं की जा रही है ऐसे में उनकी भागीदारी का कोई मतलब नहीं रह जाता है। सूत्रों के मुताबिक अशोक लवासा ने दावा किया है कि पीएम मोदी को विवादित बयानों के मामले में क्लीन चिट दिये जाने पर उनके फैसले को रिकॉर्ड नहीं किया गया। यही वजह है कि अशोक लवासा ने आयोग की किसी भी बैठक में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया।


चुनाव आयुक्त अशोक लवासा के मामले में कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर हमला किया है। साथ ही चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। सुरजेवाला ने कहा है कि मोदी और अमित शाह के सामने चुनाव आयोग ने घुटने टेक दिए है, ऐसे में निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद कैसे की जा सकती है।


उधर मायावती ने एक बार फिर चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। मायावती ने ट्वीट करते हुए लिखा कि पीएम मोदी को वाराणसी में जीताने के लिए बाहरी लोगों के माध्यम से घर घर में लालच या फिर धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में मतदान स्वतंत्र और निष्पक्ष कैसे हो पाएगा। साथ ही आयोग पर सवाल गढ़ते हुए कहा कि चुनाव आयोग की बंगाल की तरह वाराणसी में क्यों नजर नहीं है।


चुनाव आयोग में उभरे मतभेद पर एनसीपी नेता मजीद मेमन का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में लिए गए फैसलों से चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा पर सवाल उठने लगे हैं।