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राम मंदिर पर सुप्रीम फैसले के इंतजार, क्या खत्म होगा 70 साल से चल रहा मामला!

अयोध्या विवाद के पटाक्षेप की घड़ी अब करीब आ गई है। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है।
अपडेटेड Oct 17, 2019 पर 12:17  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

70 साल से चल रहे अयोध्या मामले के फैसले की घड़ी आ गई है, जी हां, राम मंदिर पर फैसले का वक्त आ चुका है, 17 नवंबर 2019 से पहले किसी भी दिन इसका फैसला आ जाएगा, सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई पूरी हो चूकी है सभी पक्ष अपना दलील रख चुके हैं, आज हम ये समझने की कोशिश करेंगे कि किस पक्ष ने क्या दलील रखी, और कितने सबूत रखे और किसका दावा कितना मजबूत है, फैसला किसी के भी पक्ष में आए उसके बाद भी क्या कोई अड़चन हो सकती है।


अयोध्या विवाद के पटाक्षेप की घड़ी अब करीब आ गई है। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। हिंदू और मुस्लिम पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें कोर्ट के सामने रख दी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले राम मंदिर पर फैसला आने की उम्मीद जताई जा रही है।


सुनवाई के आखिरी दिन कोर्ट रूम के अंदर हिंदू और मुस्लिम पक्ष के वकीलों में गरमा गरमी देखने को मिली। सुप्रीम कोर्ट के वकील विकास सिंह ने कोर्ट के सामने एक नक्शा दिखाया। उनके मुताबिक ये नक्शा श्रीराम के जन्म स्थान की सही जानकारी देता है। मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने इस पर आपत्ति जताई और नक्शे को मानने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने कोर्ट के सामने नक्शे को फाड़ दिया।


इस पर चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने नाराजगी जताई। कोर्ट में धवन के आचरण पर विश्व हिंदू परिषद ने कड़ी आपत्ति जताई है। सुनवाई पूरी होने के संत समाज को उम्मीद है कि फैसला उनके पक्ष में आएगा।


सुप्रीम कोर्ट में UP सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की तरफ से हलफनामे को लेकर भी कंफ्यूजन रहा। बताया गया कि हलफनामे में वक्फ बोर्ड ने राम मंदिर मामले में दायर केस वापस लेने की बात कही थी। लेकिन वक्‍फ बोर्ड की तरफ से इस पर कई सफाई नहीं आई। हालांकि मुस्लिम पक्ष भी इस फैसले का जल्दी निपटारा चाहता है।


राम मंदिर पर फैसले से पहले अयोध्या में एहतियात के तौर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जिले में धारा 144 लागू है। पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। सवाल ये है कि क्या अब 17 नवंबर से पहले राम मंदिर पर फैसला आ जाएगा? और उसके साथ ही क्या 70 साल से चल रहा मामला खत्म हो जाएगा?