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क्या होता है VVPAT, कैसे होता है इसका मिलान

प्रकाशित Tue, 21, 2019 पर 16:09  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

इस बार मतगणना में हर विधानसभा क्षेत्र के 5 बूथों के वोट का मिलान VVPAT से किया जाएगा। वैसे विपक्षी पार्टियां कम से कम 50 फीसदी वोट मिलाने की मांग कर रही थीं। इसबार VVPAT और EVM को लेकर बहुत शोर है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि VVPAT क्या होता है और कैसे इसका मिलान किया जाता है।


VVPAT- यानि वोटर वेरीफाइएबल पेपर ऑडिट ट्रेल। यानि आपके वोट का एक ऐसा प्रमाण जिसे आप खुद देख सकते हैं। अब हर बूथ में EVM से जुड़ी हुई एक और मशीन होती है - VVPAT। आप जब EVM पर अपने पसंदीदा प्रत्याशी के नाम के सामने वाला नीला बटन दबाते हैं तो VVPAT पर आप 7 सेकंड तक देख सकते है कि आपने किसे वोट किया है। यहां आपको प्रत्याशी का नाम, चुनाव चिह्न और पार्टी का नाम दिखाई देता है। 7 सेकेंड के बाद यही ब्यौरा एक पर्ची में छपकर एक सीलबंद बॉक्स में गिर जाती है।


इस बार हर लोकसभा सीट के भीतर आने वाले हर विधानसभा क्षेत्र से 5 बूथों के EVM के वोट और VVPAT के वोटों का मिलान किया जाएगा। वोटों की गिनती खत्म होने के बाद लॉटरी के जरिए उन बूथों का चयन किया जाएगा जिनके EVM और VVPAT का मिलान करना है।


हर काउटिंग हाल में वीवीपैट काउटिंग बूथ बनाया जाएगा। काउंटिंग के दौरान अगर किसी EVM में खराबी पायी जाती है तो उस EVM से जुड़े VVPAT की मदद से वोटों की गिनती आगे बढ़ाई जाएगी। अगर कहीं मॉक पोल का डाटा भी EVM में पाया गया तो वहां भी VVPAT की मदद ली जाएगी और तय संख्या में EVM और VVPAT का मिलान तो होगा ही।


जानकारों की माने तो ईवीएम और वीवीपैट में अंतर की गुजांइश न के बराबर है। सिर्फ ह्यूमन ऐरर की स्थिति में ही दोनो में मिलान में अंतर हो सकता है। हालांकि जानकारों का मानना है कि अगर किसी वजह से ह्यूमन ऐरर साबित नही हो पाता तो चुनाव आयोग ये फैसला लेगा कि दोबारा मतदान कराना है या नहीं।