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महाराष्ट्र की राजनीति का अगला मोड़ क्या, शिवसेना नहीं मानी तो BJP छोड़ देगी मैदान!

महाराष्ट्र की राजनीति अब दिल्ली के दरवाजे पर खड़ी है और गुहार लगा रही है कि अगली सरकार बनाने में मदद करो।
अपडेटेड Nov 05, 2019 पर 13:04  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

महाराष्ट्र की राजनीति अब दिल्ली के दरवाजे पर खड़ी है और गुहार लगा रही है कि अगली सरकार बनाने में मदद करो। चुनावों में जीतने वाले गठबंधन की बड़ी पार्टी BJP सबसे ज्यादा सीटें लाकर भी आलाकमान का मुंह देख रही है। क्योंकि शिवसेना अड़ी हुई है। शिवसेना ने आज गवर्नर से भी मुलाकात की और कहा कि हम किसी को रोक नहीं रहे हैं। जिसके पास बहुमत है सरकार बना ले। इधर विपक्षी गठबंधन के सर्वेसर्वा शरद पवार सोनिया गांधी से सलाह ले रहे हैं कि क्या किया जाए। ऐसे में जनता की एक ही आवाज समझ में आती है कि सरकार बनाओ और खत्म करो ये महाड्रामा।


दिल्ली में देवेंद्र फड़णवीस और अमित शाह के बीच लंबी बातचीत हुई। जाहिर है फड़णवीस अपनी तरफ से अमित शाह को मुंबई के हालात और शिवसेना के रूख का ब्यौरा दे रहे होंगे। मुलाकात के बाद फड़णवीस ने एक बार फिर ये बात दोहराई कि जल्दी सरकार बन जाएगी।


इधर शिवसेना के अलग-अलग नेता कभी बराबर की हिस्सेदारी तो कभी CM पद की दावेदारी को लेकर बयान दे रहे हैं। इसमें कई बार इशारों में BJP पर अटैक भी किया जाता है। लेकिन पार्टी की तरफ से सबसे ज्यादा मुखर नेता संजय राउत कह रहे हैं कि एक बार अमित शाह और उद्धव साथ बैठ जाएं तो मामला सुलट जाएगा।


लेकिन एक साथ चुनाव लड़ने के बाद सरकार में हिस्सेदारी को लेकर शिवसेना जिस तरीके से लड़ रही है, उसे जानकार सही नहीं मानते। जानकार इसे शिवसेना की अंदरूनी कमजोरी से जोड़कर भी देख रहे हैं।


इधर विपक्ष अपने पत्ते समेटकर बात बिगड़ने का इंतजार कर रहा है। शरद पवार की सोनिया गांधी के मुलाकात भी इसकी एक कड़ी मानी जा सकती है। NCP कह रही है कि शिवसेना संपर्क में है और सबकुछ उसके रुख पर निर्भर करता है।


सवाल उठता है कि मुंबई से दिल्ली तक का सफर तय कर चुकी महाराष्ट्र की कुर्सी की जंग अब क्या मोड़ लेगी? क्या अमित शाह और उद्धव की मुलाकात से मामला सुलझ जाएगा? और अगर नहीं तो क्या शिवसेना कांग्रेस, NCP की मदद लेकर सरकार बना लेगी? क्या देश भर में झंडे गाड़ रही BJP ऐसा आसानी से होने देगी? मतलब जल्दी बात नहीं बनी तो महाराष्ट्र में भी कर्नाटक की तरह जोड़ तोड़ का खेल शुरू हो सकता है?


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