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जानिए मोदी सरकार में कौन बनेगा वित्त मंत्री, किस भूमिका में रहेंगे अमित शाह

प्रकाशित Fri, 24, 2019 पर 09:45  |  स्रोत : Moneycontrol.com

लोकसभा चुनाव में एनडीए के जनाधार ने मोदी सरकार को धार दे दी है। अब पिक्चर क्लीयर हो गई है कि, अब कि बार फिर से मोदी सरकार। दिल्ली की गद्दी दोबारा हासिल करने वाले मोदी सरकार में आंकलन शुरु हो गया कि किसे कौन सा मंत्रालय मिलेगा। सबसे अहम मंत्रालय पर जो चर्चा है, वो वित्त मंत्रालय के लिए है। क्योंकि वित्त मंत्रालय ही एक ऐसा मंत्रालय है जो सबसे बड़ा माना जाता है। अरुण जेटली के स्वास्थ्य को लेकर मोदी सरकार को सोचने के लिए मजबूर कर दिया होगा कि वित्त मंत्रालय किसे दिया जाए? इसके अलावा पहली बार लोकसभा चुनाव लड़े बीजेपी के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह को लकर भी चर्चा है कि क्या उन्हें भी मंत्रिमंडल में जिम्मेदारी मिल सकती है?


 दरअसल वर्तमान में मोदी सरकार को अब आर्थिक रूप से कुछ कर गुजरने के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी। इस लोकसभा के महासमर में विपक्ष ने उन्हें नौकरी, आर्थिक वृद्धि जैसे तमाम मामलों में घेरने की पूरी कोशिश की, लेकिन जनादेश बीजेपी को मिला। ऐसे में इस समय देश की आर्थिक विकास दर पांच तिमाहियों के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं और अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि ग्रामीण खपत मांग में गिरावट और तेल कीमतों में धीमी बढ़ोतरी के कारण हालात और बदतर हो सकते हैं। लिहाजा मोदी सरकार  के लिए एक परमानेंट वित्त मंत्री की जरूरत पड़ेगी। जो कुशलता पूर्वक इस भंवर से निकाल सके।


अरुण जेटली



अरुण जेटली ने मोदी सरकार में वित्त मंत्रालय के अलावा कई मंत्रालयों का भी कार्यभार संभाला। पेशे से वकील जेटली बीजेपी के कद्दावर नेता हैं। साथ ही सरकार के लिए संकटमोचक की भूमिका भी निभाते हैं। पिछले पांच साल में जेटली जीएसटी जैसे लंबित कानून को लेकर आये, साथ ही तील तलाक में खुलकर मोदी सरकार का समर्थन करते हुए इसकी जोरदार वकालत भी की। जेटली विपक्षी सांसदों को भी ढंग से संभालकर चलते हैं। जेटली संसद के बाहर और भीतर दोनों जगह एक अच्छे वक्ता के रूप में जाने जाते हैं। जेटली मोदी जी के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। इस बात से समझा जा सकता है कि उन्होंने  तीन – तीन मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है। 
जेटली इस समय डायबिटीज (मधुमेह) से पीड़ित हैं। अंतरिम बजट पेश नहीं कर सके थे, क्योंकि उस समय वो अमेरिका में कैंसर का इलाज करा रहे थे। पिछले साल मई मे उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। जेटली की गैरमौजूदगी में पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश किया था।
जेटली के स्वास्थ्य को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है। बीजेपी के जीत के जश्न में वो पार्टी कार्यालय नहीं जा सके। अगले कुछ महीनों में आर्थिक मोर्चे पर आ रही चुनौतियों का सामना करने के लिए जेटली के स्वास्थ्य को लेकर बीजेपी में चिंता रहना लाजमी है।   


पीयूष गोयल 



रेलवे और कोयला मत्री पीयूष गोयल पिछले पांच साल से जेटली की गैरमौजूदगी में उनका कार्यभार संभालत आ रहे हैं। गोयल देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के बोर्ड में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। गोयल कुशल चार्टर्ड एकाउंटेंट यानी सीए हैं और पिछली बार का अतरिम बजट भी पेश कर चुके हैं। जेटली ने सत्ता मे आने पर सैलरी वालों के लिए टैक्स में कटौती करने की बात कही थी।  हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि कौन बनेगा वित्त मंत्री, यह ज्यादा महत्वपूर्ण इसलिए नहीं है क्योंकि बड़े फैसले प्रधानमंत्री कार्यालय से होते हैं।   


अमित शाह


सबको सांसद बनाने वाले अमित शाह पहली बार लोकससभा चुनाव लड़े और शानदार जीत दर्ज करके पहली बार सांसद बने । मोदी सरकार के कैबिनेट मे शामिल होने की पूरी संभावना व्यक्त की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि अमित शाह की एंट्री सुरक्षा पर कैबिनेट समिति (कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्यिटी) यानी सीसीएस के जरिए मोदी की कैबिनेट में शामिल हो सकते हैं। सीसीएस में पीएम के अलावा चार बड़े रक्षा, गृह, विदेश और वित्त मंत्री शामिल होते हैं।
गुजरात में मोदी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में अमित शाह गृहमंत्री रह चुके हैं।