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शिवसेना ने पूछे कड़े सवाल, विदेशी डेलिगेशन को कश्मीर आने की इजाजत क्यों?

शिवसेना के मुखपत्र सामना में लिखा गया है कि जम्मू-कश्मीर हमारा अंदरूनी मामला था तो विदेशी डेलिगेशन क्यों आया?
अपडेटेड Oct 30, 2019 पर 16:05  |  स्रोत : Moneycontrol.com

महाराष्ट्र में CM पद को लेकर BJP और शिवसेना के बीच पहले ही तनातनी बनी हुई है। ऐसे में शिवसेना ने अपने सख्त सवाल से माहौल और गरमा दिया है। जम्मू-कश्मीर में यूरोपीय यूनियन के सांसदों के दौरे को लेकर शिवसेना ने BJP से सख्त सवाल किए हैं।


शिवसेना के मुखपत्र सामना में नरेंद्र मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए यह सवाल किया गया है कि यूरोपीय यूनियन के 23 सांसदों को जम्मू-कश्मीर ले जाया गया जबकि यह भारत का अंदरूनी मामला है।


शिवसेना ने पूछा है, " यूरोपीय यूनियन के 27 सदस्य जम्मू-कश्मीर के हालात का जायजा लेने आए हैं। कश्मीर हमारा अंदरूनी मामला है। कश्मीर में राष्ट्रीय झंडा फहराया जाता है और इसलिए हमें नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर गर्व है। लेकिन कश्मीर में अगर सबकुछ ठीक है तो बाहरी डेलिगेशन क्यों आ रहा है। क्या यह हमारा अंदरूनी मामला नहीं है?"


सामना के संपादकीय में लिखा है, "आपकी सरकार यह नहीं चाहती थी कि UN इस मामले में दखल दे लेकिन आप डेलिगेश कश्मीर भेज रहे हैं। विदेशी कश्मीर का दौरा कर रहे हैं और गंभीर मामले उठा रहे हैं।"


सामना में यह भी सवाल पूछा गया है कि गृह मंत्री को यह भी जवाब देना चाहिए कि विदेशी डेलिगेशन को कश्मीर में आने की इजाजत दी गई लेकिन भारतीय सांसदों को क्यों नहीं दी गई। सामना में आगे लिखा है, "हम सिर्फ जानना चाहते हैं कि डेलिगेशन के इस दौरे का कोई नकारात्मक असर ना दिखे।"


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